Budget 2026 : देश का बजट अगले महीने पेश किया जाएगा। पिछले कई सालों से भारत में बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता रहा है। इस साल भी 1 फरवरी को ही बजट पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि यह रविवार का दिन है। इस महत्वपूर्ण मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में देश भर का वित्तीय बजट पेश करेंगी। यह उनके द्वारा पेश किया जाने वाला 9वां बजट होगा। निर्मला सीतारमण अब तक कुल 8 बजट पेश कर चुकी हैं, जिनमें 6 फुल बजट और 2 अंतरिम बजट शामिल हैं। 2025 में उन्होंने प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड के बराबरी की थी, जिन्होंने 8 बजट पेश किए थे। इस साल बजट पेश करने के बाद वे प्रणब मुखर्जी को पीछे छोड़ देंगी और पी चिदंबरम के 9 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के बराबर पहुंच जाएंगी।
भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड
भारत के इतिहास में सबसे अधिक यूनियन बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने 10 बजट पेश किए। उनके बाद पी. चिदंबरम हैं, जिन्होंने 9 बजट पेश किए। निर्मला सीतारमण अब चिदंबरम के बराबर पहुंचने वाली हैं। मोरारजी देसाई ने अपने कार्यकाल में दो बार अंतरिम बजट पेश किया था, 1962 और 1967 में। वहीं निर्मला सीतारमण ने अब तक एक अंतरिम बजट पेश किया है, जो 2024 में था।
निर्मला सीतारमण का बजट रिकॉर्ड
निर्मला सीतारमण के अब तक पेश किए गए बजट में दो अंतरिम बजट शामिल हैं। उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में देश की आर्थिक नीतियों को कई बार दिशा दी है। उनका यह 9वां बजट उनके अनुभव और नेतृत्व का प्रतीक माना जा रहा है। इस बार का बजट पेश करना इसलिए भी खास है क्योंकि यह रविवार को हो रहा है। आम तौर पर संसद सत्र रविवार को नहीं चलता, लेकिन बजट पेश करने की परंपरा को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।
अंतरिम बजट क्या होता है
अंतरिम बजट किसी चुनावी साल में केंद्र सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला अस्थायी वित्तीय योजना होता है। इसका उद्देश्य नई सरकार के सत्ता में आने तक जरूरी खर्चों के लिए संसद से मंजूरी लेना होता है। अंतरिम बजट के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि सरकार बिना किसी रुकावट के काम करती रहे। अंतरिम बजट में आमतौर पर बड़े आर्थिक सुधार या नीतिगत बदलाव नहीं किए जाते। इसका कारण यह है कि नई सरकार ऐसे फैसलों से सहमत न हो। इसलिए अंतरिम बजट मुख्य रूप से सरकारी खर्चों और मौजूदा योजनाओं के लिए होता है।
इस साल का बजट न केवल वित्तीय योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि रिकॉर्ड और इतिहास के लिहाज से भी खास है। निर्मला सीतारमण के 9वां बजट पेश करने के बाद वे पी. चिदंबरम के साथ सबसे अधिक बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों की सूची में शामिल हो जाएंगी। यह कदम भारतीय वित्तीय इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।
