Budget 2026: बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर 10-15 प्रतिशत बढ़ने की संभावना, इंफ्रा को मिलेगा बूस्ट
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Jan 14, 2026, 05:11 PM IST
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा था। इस बार पूंजीगत व्यय में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है और लगभग 12,000 अरब रुपये के आवंटन की उम्मीद है।
बजट 2026
Budget 2026: सरकार आगामी बजट में पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) पर अपना ध्यान जारी रख सकती है और इसमें मौजूदा 11.21 लाख करोड़ रुपये से 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए काफी गुंजाइश होगी और सरकार को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा। कैपिटल एक्सपेंडिचर में वृद्धि से इंफ्रा सेक्टर को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
12,000 अरब रुपये के आवंटन की उम्मीद
पीडब्ल्यूसी (पीडब्ल्यूसी) के भागीदार और आर्थिक सलाहकार सेवा प्रमुख रानेन बनर्जी ने कहा, 'मेरा मानना है कि अर्थव्यवस्था में पूंजीगत व्यय को खपाने की क्षमता बहुत अधिक नहीं है। यदि आप इसे रातों-रात 30 प्रतिशत बढ़ाना चाहते हैं, तो यह नहीं होने वाला है, क्योंकि इसके लिए आपको निर्माण कंपनियों की क्षमता, भारी मशीनरी की क्षमता और बहुत सारी मशीनों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, ''इसलिए, यह रातों-रात 30 प्रतिशत नहीं बढ़ सकता। हमारा मानना है कि पूंजीगत व्यय में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है और हम लगभग 12,000 अरब रुपये के आवंटन की उम्मीद कर रहे हैं।
सीमेंट और इस्पात सेक्टर निवेश बढ़ा रहे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 के लिए पूंजीगत व्यय के रूप में 11.21 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा था। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार निजी पूंजीगत व्यय के साथ समस्या यह रही है कि यह असमान है, और सभी क्षेत्रों में धीमा नहीं है। सीमेंट और इस्पात जैसे पारंपरिक क्षेत्र विस्तार के लिए पैसा लगा रहे हैं, क्योंकि यह अतिरिक्त क्षमता बढ़े हुए सार्वजनिक निवेश का परिणाम है, जो निजी क्षेत्र के लिए मांग पैदा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में काफी सकारात्मकता और पूंजीगत व्यय में वृद्धि देखी जा रही है, जबकि निर्यात उन्मुख क्षेत्र और आयात से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने वाले क्षेत्र अधिक चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं। नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में उच्च सरकारी पूंजीगत व्यय की दिशा में काफी तेजी देखी जाएगी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।