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जानें 7 लाख रुपये की इनकम पर आपको कैसे नहीं देना होगा टैक्स, ये है फॉर्मूला

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 1, 2023, 06:44 PM IST

Income Tax rebate limit, What is rebate in income tax:वित्त मंत्री के अनुसार नए टैक्स स्लैब के अनुसार अब लोगों को रिबेट के साथ 7 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना होगा। पहले टैक्स छूट के विकल्पों को अपनाने के बाद 5 लाख तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। अब 2 लाख रुपये का अतिरक्त फायदा मिलेगा।

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जानें कैसे आपको नहीं देना होगा इनकम टैक्स

Income Tax rebate limit, What is rebate in income tax:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में आयकर दाता को बड़ी राहत दे दी है। उन्होंने कहा है कि अब 7 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह सुविधा नई कर व्यवस्था के तहत मिलेगी। ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे आपको 7 लाख रुपये की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। सरकार ने नई कर व्यवस्था को डिफॉल्ट व्यवस्था बना दिया है। हालांकि पुरानी व्यवस्था का भी विकल्प जारी रखा है। ऐसे में लोगों के ऊपर है कि वह कौन सा विकल्प चुनते हैं।

रिबेट के आधार पर कैसे नहीं लगेगा टैक्स

वित्त मंत्री के अनुसार नए टैक्स स्लैब के अनुसार अब लोगों को रिबेट के साथ 7 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना होगा। पहले टैक्स छूट के विकल्पों को अपनाने के बाद 5 लाख तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। अब 2 लाख रुपये का अतिरक्त फायदा मिलेगा।

कैसे लगता है इनकम टैक्सपहले 5 लाख पर जीरो टैक्सअब 7 लाख इनकम पर जीरो टैक्स
सालाना इनकम6.50 लाख7.0 लाख
80 सी पर मिलने वाली छूट1.50 लाख-
डिडक्शन50,00050,000
आयकर योग्य इनकम4.5लाख5.0 लाख
टैक्स5 %5 %
टैक्स स्लैब2.5 लाख तक कोई टैक्स नहीं3 लाख तक कोई टैक्स नहीं
आयकर योग्य इनकम पर टैक्स12,500 रुपये-
सेक्शन 87 (A) के तहत रिबेट12,500 रुपये-
नेट टैक्स00
जानें नया टैक्स स्लैब

वित्त मंत्री के अनुसार अब पुराना टैक्स स्लैब नहीं रहेगा। इसकी जगह नया टैक्स स्लैब नए वित्त वर्ष से लागू होगा। जानें क्या है नया टैक्स स्लैब-

5 साल पहले हुआ था टैक्स स्लैब में बदलाव

आखिरी बार साल 2017-18 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया था। ऐसे में इस बार वित्त मंत्री से बड़ी राहत की उम्मीद करदाता कर रहा है। वहीं नए टैक्स रिजीम में 10 फीसदी का स्लैब साल 2020 में जोड़ा गया। लेकिन ज्यादातर करदाता को नया रिजीम रास नहीं आया। ऐसे में उसे टैक्स रेट पर राहत नहीं मिली।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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