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BSE Share Price: 2.5% लुढ़का BSE का शेयर, कोर्ट ने दिया स्टॉक एक्सचेंज के चेयरमैन और पूर्व SEBI चीफ समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR का निर्देश

BSE Share Price Today: धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत नामित एक विशेष अदालत ने एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी), मुंबई को एक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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BSE का शेयर गिरा

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • BSE का शेयर गिरा
  • 2.5 फीसदी की गिरावट
  • चेयरमैन पर लगे हैं गंभीर आरोप

BSE Share Price Today: धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत नामित एक विशेष अदालत ने एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी), मुंबई को एक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसमें भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) की पूर्व अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और पांच अन्य के खिलाफ शेयर बाजार में धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। बुच के अलावा बाकी 5 लोगों में बीएसई के चेयरमैन भी शामिल हैं। इससे BSE के शेयर में गिरावट आई है। करीब पौने 10 बजे BSE का शेयर 115.25 रु या 2.49 फीसदी की गिरावट के साथ 4518.45 रु पर है।

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किस-किस का नाम FIR में होगा शामिल

अदालत ने शनिवार को रिकॉर्ड पर मौजूद जानकारी देखने के बाद कहा, "आरोपों से संज्ञेय अपराध का पता चलता है, जिसकी जांच जरूरी है। प्रथम दृष्टया रेगुलेटरी चूक और मिलीभगत के सबूत हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की जरूरत है। कानून प्रवर्तन और सेबी की निष्क्रियता के कारण धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत है।"

शिकायत में एसीबी को एफआईआर दर्ज करने और “प्रस्तावित आरोपियों” द्वारा किए गए कथित अपराधों की जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई, जिसमें बुच, तीन सेबी होल-टाइम मेंबर्स और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल और सीईओ सुंदररामन राममूर्ति शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला

विशेष न्यायाधीश एस ई बांगर ने डोंबिवली के निवासी सपन श्रीवास्तव के आवेदन पर यह आदेश पारित किया, जिन्होंने खुद को पत्रकार बताया था। आवेदन में रेगुलेटरी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से स्टॉक एक्सचेंज में एक कंपनी की धोखाधड़ी से लिस्टिंग का आरोप लगाया गया था।

श्रीवास्तव ने दावा किया कि उन्होंने और उनके परिवार ने 13 दिसंबर, 1994 को कैल्स रिफाइनरीज लिमिटेड के शेयरों में निवेश किया था, जो बीएसई इंडिया में लिस्टेड थी, और उन्हें भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि सेबी और बीएसई ने फर्म के अपराधों की अनदेखी की, इसे कानून के खिलाफ लिस्ट किया गया और निवेशकों के हितों की रक्षा नहीं की गयी।

'कॉर्पोरेट धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया'

श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सेबी अधिकारियों ने कंपनी की लिस्टिंग की अनुमति देकर बाजार में हेरफेर और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और नियामक अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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