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108 डॉलर पहुंचा Brent, Red Sea तक पहुंची जंग, त्योहारों की रंगत होगी फीकी?

अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर लाल सागर तक पहुंच गई है। भारतीय बास्केट में भी क्रूड के दाम में विस्फोटक तेजी है। ऐसे में त्योहारों की रंगत फीकी पड़ने की आशंका बढ़ रही है।

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ब्रेंट क्रूड 108 पहुंचा, भारत 116 डॉलर पर कर रहा आयात

US Iran War Red Sea Saudi Arabia Vs Houthi : अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब लाल सागर (Red Sea) तक फैल चुकी है। इसकी वजह से Brent Crude जहां 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं, Indian Basket में भी क्रूड का भाव विस्फोटक तेजी से बढ़ रहा है।

इंडियन बास्केट में 116 पहुंचा क्रूड

PPCA के मुताबिक इंडियन बास्केट में क्रूड का भाव 116 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है।अमेरिका और ईरान की जंग में हूतियों की तरफ से सऊदी अरब को निशाना बनाया जा रहा है। इसकी वजह से अब लाल सागर भी इस जंग की चपेट में आ गया है। सोमवार को एनर्जी मार्केट ने इसे एक बड़े जोखिम के तौर पर देखा है। इसकी वजह से WTI और Brent में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। वहीं, इंडियन बास्केट में भी क्रूड महंगा हो गया है। पिछले सप्ताह गुरुवार से क्रूड का दाम 100 डॉलर से ऊपर बना हुआ है।

क्यों अचानक आया उछाल?

क्रूड ऑयल के दाम में अचानक तेजी के पीछे असल में सऊदी पाइपलाइन का बंद होना है। इसकी वजह से ग्लोबल क्रूड ऑयल की करीब 4% सप्लाई प्रभावित होने का खतरा है। हूतियों के ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब की East-West oil pipeline बंद हेा गई है। इस रूट से हर दिन 40 लाख बैरल क्रूड प्रति दिन Red Sea के Yanbu port तक पहुंचाया जाता है। अगर यह पाइपलान लंबे समय तक बंद रहती है, तो ग्लोबल क्रूड सप्लाई का 4% हिस्सा प्रभावित होने का खतरा है।

लाल सागर में जंग क्यों खतरनाक?

होर्मुज स्ट्रेट के बाद लाल सागर ग्लोबल एनर्जी मार्केट का सबसे बड़ा हॉटस्पोट है। होर्मुज की तहर यहां भी एक चोक पॉइंट है, बाब अल मंदेब, अगर हूती इसे बंद कर देते हैं, तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भूचाल आ सकता है। क्योंकि, इसकी वजह से लाल सागर के साथ ही अदन की खाड़ी और पेरिम आइलैंड से भी ट्रैफिक रुक सकता है, जो ग्लोबल क्रूड सप्लाई को बड़ा झटका साबित होगा।

त्योहारों की रंगत फीकी होने का खतरा

इंडियन बास्केट में लगातार क्रूड का भाव 100 डॉलर से ऊपर बना हुआ है। सितंबर का अब तक का औसत 104 डॉलर के करीब है।

PPAC के आंकड़ों के मुताबिक 2026-27 में Indian Basket का औसत क्रूड प्राइस अप्रैल में 114.48 डॉलर, मई में 106.23 डॉलर, जून में 83.22 डॉलर, जुलाई में 82.04 डॉलर और अगस्त में 90.19 डॉलर प्रति बैरल रहा। सितंबर का औसत अब तक 104.09 डॉलर प्रति बैरल है। इससे पता चलता है ऑयल मार्केट कंपनियां फिलहाल भारी दबाव में है और अगर क्रूड लगातार 100 से ऊपर रहता है, तो त्योहारी सीजन में भी महंगे डीजल-पेट्रोल का झटका लग सकता है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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