बिजनेस

इस बॉस ने मंडे को बना दिया फन डे, वीकेंड के बाद ऑफिस की नहीं रहेगी टेंशन

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated May 30, 2023, 12:45 PM IST

Workplace New Trends: एक ऑस्ट्रेलियाई बॉस ने ऑफिस पर न्यूनतम सोमवार (bare minimum Mondays) की पहल शुरू की है। न्यूनतम सोमवार वीकेंड के बाद जो पहले सप्ताह के पहले दिन में वर्क लोड होता है उसे आसान बनाने के लिए है।

Image

ऑफिस पर न्यूनतम सोमवार की पहल

Photo : iStock

Workplace New Trends: एक ऑस्ट्रेलियाई बॉस ने ऑफिस पर न्यूनतम सोमवार (bare minimum Mondays) की पहल शुरू की है। न्यूनतम सोमवार वीकेंड के बाद जो पहले सप्ताह के पहले दिन में वर्क लोड होता है उसे आसान बनाने के लिए है। इस पहल को ऑस्ट्रेलिया में एक मार्केटिंग मैनेजर ने अपने ऑफिस ऑफिशियली रूप से लागू किया है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी टीम को वर्कवीक की शुरुआत के साथ आने वाले किसी भी दबाव का सामना नहीं करना पड़े।

घर के काम निपटानें में होगी आसानी

एडिलेड मार्केटिंग मैनेजर, 31 वर्षीय केटलिन विंटर का कहना है कि 'न्यूनतम सोमवार' उनके कर्मचारियों को तेजी से काम करने, घर के कामों में हाथ बंटाने और ऐसे काम करने की अनुमति देता है जो वे आमतौर पर एक काम के दौरान नहीं हो पाते हैं।

हफ्तेभर पूरे फोकस के साथ काम कर पाएंगे कर्मचारी

News.com.au के साथ इंटरव्यू में, विंटर ने बताया कि, न्यूनतम सोमवार से कर्मचारियों के सदस्यों को अपनी गति के अनुसार अपने दिन को अनुकूलित करने और खुद के लिए समय का अवसर प्रदान करना है, ताकि पूरे हफ्ते कर्मचारी पूरे फोकस के साथ काम कर सकें। सोमवार को, उनकी टीम को घर से काम करने की अनुमति है और कोई मीटिंग भी निर्धारित नहीं है।

ये काम भी कर पाएंगे

विंटर के लिए, यह चलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उसके कर्मचारियों को वे काम करने की अनुमति देता है जो वे वीकेंड के दौरान नहीं कर सके थे। उन्हें इस समझाते हुए बताया कि अन्य चीजें जो हमें इन दिनों में कपड़ों की सफाई, किराने की खरीदारी जैसे काम शामिल हैं। साथ ही टीम के एक सदस्य के लिए अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने में भी सक्षम हो जाते हैं।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article