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Bihar Paddy And Maize Sowing: बिहार में धान-मक्के की फसल ने जगाई उम्मीद,कई शहरों में 99 फीसदी तक लक्ष्य पूरा

Bihar Paddy And Maize Sowing: बिहार के 38 में से 22 जिले ऐसे हैं जहां 99 प्रतिशत से अधिक धान की रोपनी हो चुकी है। इस साल प्रदेश में 36.56 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह प्रदेश में 2.96 लाख हेक्टेयर में मक्का बुआई का लक्ष्य है। बताया जाता है कि प्रदेश में अब तक 11 जिलों में लक्ष्य से अधिक मक्के की बुआई हो चुकी है।

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बिहार में धान और मक्का की बुवाई

Bihar Paddy And Maize Sowing:बिहार में इस साल अब तक कई जिलों में हुई अच्छी बारिश ने किसानों की उम्मीद बढ़ा दी है। किसानों को उम्मीद है कि इस साल धान और मक्के की फसल अच्छी होगी।इस साल अब तक प्रदेश के कई जिलों में धान की रोपनी और मक्के की बुआई 100 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। बताया जाता है कि शुरू में बारिश नहीं होने के कारण किसान मायूस थे। प्रदेश के मगध क्षेत्र सहित कई इलाकों में शुरुआती दौर में बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपनी देर से हुई है।मौसम की बेरुखी को देखते हुए सरकार भी जुलाई के अंतिम सप्ताह में डीजल अनुदान देने का फैसला किया था।

किन जिलों में अच्छी रोपनी

बिहार के 38 में से 22 जिले ऐसे हैं जहां 99 प्रतिशत से अधिक धान की रोपनी हो चुकी है। इस साल प्रदेश में 36.56 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं प्रदेश में कटिहार, सहरसा, किशनगंज, गोपलगंज, सुपौल, पूर्णिया, लखीसराय, सीतामढ़ी, शिवहर सहित 16 जिले ऐसे हैं जहां लक्ष्य से अधिक धान की रोपनी हो चुकी है। इस साल प्रदेश में 36.56 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बीच सरकार ने सूखे की आशंका को देखते हुए सिंचाई के लिए डीजल अनुदान के लिए 150 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

मक्का की बुआई भी अच्छी

इधर, बारिश का प्रभाव मक्के की खेती पर भी देखने को मिला है। प्रदेश में 2.96 लाख हेक्टेयर में मक्का बुआई का लक्ष्य है। बताया जाता है कि प्रदेश में अब तक 11 जिलों में लक्ष्य से अधिक मक्के की बुआई हो चुकी है। ऐसे में मक्के के किसान भी उत्साहित हैं।इस बीच, हालांकि कई इलाकों में खासकर दियारा क्षेत्रों में आई बाढ़ के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश की कई नदियों के जलस्तर में इस साल उतार-चढ़ाव देखा गया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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