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आर्थिक वृद्धि के मामले में बिहार ने लगाई छलांग, पहुंचा दूसरे नंबर पर, प्रति व्यक्ति आय हुई इतनी, पहले नंबर पर कौन?

Bihar Economic Growth: बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार अब देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 76 हजार रुपये हो गई है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार, बिहार की वृद्धि दर 13.1% है, जो राष्ट्रीय औसत 7.3% से अधिक है। वृद्धि में बिहार दूसरे और तमिलनाडु पहले स्थान पर है।

Bihar Economic Growth

बिहार अब विकास में सुपरस्टार: जीडीपी और आमदनी दोनों में जबरदस्त उछाल (तस्वीर-istock)

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Bihar Economic Growth: बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को कहा कि बिहार अब देश के सबसे तेजी से विकास कर रहे राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 76 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने यह जानकारी विधानमंडल में आर्थिक समीक्षा प्रस्तुत करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में दी। फाइनेंस मंत्री ने बताया कि बिहार की आर्थिक वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत है, जो कि राष्ट्रीय दर 7.3 प्रतिशत से काफी अधिक है। वृद्धि के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर तमिलनाडु है।

प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि

न्यूज एसेंजी पीटीआई-भाषा के मुताबिक यादव ने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है। 2020–21 में यह 46,412 रुपये थी, जो 2024–25 में बढ़कर 76,490 रुपये हो गई है। स्थिर मूल्य पर यह 30,159 रुपये से बढ़कर 40,973 रुपये हो गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान अब औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन पर है। इसके लिए पूर्व मुख्य सचिव नवीन कुमार की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

क्षेत्रीय विकास का डिटेल

  • वर्ष 2024–25 में बिहार का राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) स्थिर मूल्य पर 5.31 लाख करोड़ रुपये और वर्तमान मूल्य पर 9.92 लाख करोड़ रुपये हो गया।
  • द्वितीयक क्षेत्र (निर्माण और विनिर्माण): स्थिर मूल्य पर 11.1%, वर्तमान मूल्य पर 15.5% वृद्धि।
  • तृतीयक क्षेत्र (सेवाएं): स्थिर मूल्य पर 8.9%, वर्तमान मूल्य पर 13.5% वृद्धि।
  • प्राथमिक क्षेत्र (कृषि): स्थिर मूल्य पर 4.1%, वर्तमान मूल्य पर 9.6% वृद्धि।
  • 2020–21 से 2024–25 के बीच द्वितीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 21.1% से बढ़कर 26.8%, प्राथमिक क्षेत्र 21.9% से घटकर 18.3%, और तृतीयक क्षेत्र 57% से घटकर 54.8% हो गया। यह बदलाव राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधीकरण को दर्शाता है।

राजकोषीय स्थिति

वित्त मंत्री ने कहा कि 2020–21 में राज्य सरकार का कुल व्यय 1.66 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024–25 में बढ़कर 2.82 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान पूंजीगत व्यय का हिस्सा 15.8% से बढ़कर 22.3% और राजस्व व्यय का हिस्सा घटा। राज्य की कुल राजस्व प्राप्ति 1.28 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.18 लाख करोड़ रुपये हो गई, जिसमें कर राजस्व का हिस्सा 70% से बढ़कर 84% हो गया।

कृषि और उत्पादन

कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र का योगदान 23.1% रहा। धान, गेहूं और मक्का का उत्पादन बढ़ा है। दूध, अंडा और मछली का उत्पादन भी तेज़ी से बढ़ा। बिहार देश का पहला राज्य है जहाँ किसानों तक सीधा बीज पहुँचाने की व्यवस्था लागू की गई।

फाइनेंस मंत्री ने कहा कि बिहार आर्थिक समीक्षा 2025–26 राज्य की अर्थव्यवस्था की सकारात्मक और भविष्य उन्मुख तस्वीर पेश करती है। राज्य की प्रगति के लिए आर्थिक स्थिरता, क्षेत्रीय विविधीकरण, निवेश, मानव पूंजी विकास, रोजगार सृजन और अवसंरचना विकास मजबूत आधार हैं।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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