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US Trade Tariff on India: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर होने वाली है बड़ी बातचीत! क्या सस्ता होगा इम्पोर्टेड सामान?

Bilateral Trade Agreement India USA: भारत और अमेरिका ने Bilateral Trade Agreement (BTA) के तहत जल्द ही क्षेत्र-आधारित व्यापार वार्ता करने का फैसला लिया है। अमेरिका ने भारत पर 2 अप्रैल से जवाबी सीमा शुल्क लगाने की धमकी दी है, जिससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान हो सकता है।

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

India US Import Tariff Discussion: भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित वार्ता शुरू करने का निर्णय लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की चार दिवसीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। इस बैठक में अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रैंडन लिंच के नेतृत्व में अमेरिकी अधिकारियों की एक टीम भारत आई थी। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने 2 अप्रैल से भारत समेत अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी सीमा शुल्क लगाने की चेतावनी दी है। इस पृष्ठभूमि में दोनों देशों ने व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत की। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बीटीए के तहत विशेषज्ञ स्तर पर ऑनलाइन चर्चा जल्द शुरू होगी, जिसके बाद व्यक्तिगत स्तर पर भी बातचीत होगी।

व्यापार सहयोग को गहरा करने पर सहमति

चार दिनों तक चली इस वार्ता में दोनों पक्षों ने व्यापार सहयोग को मजबूत करने, बाजार पहुंच बढ़ाने, टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करने, और आपूर्ति श्रृंखला को और बेहतर बनाने पर चर्चा की। इस बैठक का आयोजन वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा के बाद किया गया, जहां उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर और वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक से मुलाकात की थी।

सितंबर-अक्टूबर तक व्यापार समझौते का पहला चरण पूरा करने का लक्ष्य

दोनों देशों ने सितंबर-अक्टूबर 2025 तक व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, उन्होंने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 190 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाने का संकल्प किया है। अमेरिका ने भारत से औद्योगिक उत्पाद, वाहन, शराब, पेट्रोकेमिकल, डेयरी और कृषि उत्पादों पर शुल्क रियायतें मांगी हैं, जबकि भारत कपड़ा उद्योग के लिए शुल्क में कटौती पर विचार कर सकता है।

भारतीय उद्योग जगत ने सीमा शुल्क में छूट की मांग की

भारतीय उद्योगपतियों और निर्यातकों ने सरकार से अपील की है कि अमेरिका के संभावित जवाबी सीमा शुल्क प्रावधान से उन्हें राहत दी जाए। उनका कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि क्षेत्र को भी व्यापार वार्ता में शामिल करे, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस संवेदनशील मुद्दे को समझौते में शामिल करने के लिए तैयार नहीं होगा।

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के बाद व्यापारिक शुल्क में बढ़ोतरी

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद सीमा शुल्क का मुद्दा लगातार चर्चा में है। उन्होंने 2 अप्रैल से भारत पर जवाबी सीमा शुल्क लागू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, 12 मार्च से स्टील और एल्युमीनियम पर 25% का आयात शुल्क लगाया गया है, और 3 अप्रैल से पूरी तरह से निर्मित वाहनों और वाहन कलपुर्जों पर भी 25% शुल्क लागू होने वाला है। सीमा शुल्क (Import Duty) वह शुल्क होता है, जो सरकार आयातित उत्पादों पर लगाती है, ताकि घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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