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Anil Ambani को मिली राहत की सांस, दिवालिया प्रक्रिया पर लगी रोक

अनिल अंबानी के लिए यह फैसला राहत की सांस की तरह है। जहां एक ओर कंपनी पर कर्ज का बोझ बना हुआ है, वहीं NCLAT का यह फैसला उन्हें कानूनी झंझट से फिलहाल बाहर निकलने का मौका देता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 27 अगस्त की सुनवाई में यह मामला क्या मोड़ लेता है।

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Anil Ambani को मिली राहत की सांस (Pic Credit: iStock)

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देश के दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) से बड़ी राहत मिली है। ट्राइब्यूनल ने कंपनी के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) पर फिलहाल रोक लगा दी है।यह फैसला उन निवेशकों और बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो बीते कुछ समय से अनिल अंबानी की कंपनियों की स्थिति को लेकर असमंजस में थे।

क्या था पूरा मामला?

मामला IDBI ट्रस्टीशिप द्वारा दायर की गई एक याचिका से जुड़ा है। IDBI ने NCLT में याचिका दायर कर कहा था कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने उनके साथ किए गए 88.68 करोड़ रुपये के समझौते का भुगतान नहीं किया है। इसके चलते, NCLT मुंबई बेंच ने 30 मई 2025 को कंपनी के खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दे दिया था। इसके साथ ही एक इंटरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) भी नियुक्त किया गया था।

NCLAT ने क्यों दी राहत?

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील की और यह दावा किया कि उन्होंने न केवल मूल राशि बल्कि ब्याज समेत कुल ₹92.68 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। ट्राइब्यूनल ने इस दावे पर विचार करते हुए CIRP प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। साथ ही, IDBI ट्रस्टीशिप को भुगतान का मिलान करने के लिए समय दिया गया है।

अब आगे क्या?

NCLAT ने यह स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई 27 अगस्त 2025 को होगी। तब तक रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कोई दिवालियापन कार्यवाही नहीं होगी।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

इस फैसले के बाद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों पर बाजार में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि इससे कंपनी को परिचालन जारी रखने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने का समय मिलेगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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