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रोजाना 66 रुपये की बचत के साथ कितने समय में बन सकते हैं करोड़पति! समझें SIP का गणित

क्या आप जानते हैं कि रोजाना लगभग 66 रुपये की बचत आपको करोड़पति बनने में मदद कर सकती है। जी हां, अगर आप हर महीने एसआईपी में 2000 रुपये निवेश करते हैं तो आप कुछ वर्षों में 1 करोड़ रुपये से अधिक का फंड बना सकते हैं।

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SIP (Photo: iStock)

आज के समय में करोड़पति बनने का सपना केवल बड़े बिजनेसमैन या ज्यादा कमाने वाले लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। अगर कोई व्यक्ति छोटी-छोटी बचत को सही जगह निवेश करे, तो लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। SIP यानी Systematic Investment Plan इसी सोच पर काम करता है। आप रोजाना केवल 66 रुपये बचाकर भी भविष्य में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं। इस आर्टिकल में आपको 66 रुपये की इस बचत को लेकर ही एसआईपी का पूरा गणित समझा रहे हैं-

SIP का गणित समझें

how long to reach 1 crore with SIP

SIP (Photo: iStock)

मान लीजिए अगर कोई व्यक्ति हर महीने 2,000 रुपये की SIP शुरू करता है और उसे लगातार 35 वर्षों तक जारी रखता है, तो 12 प्रतिशत के अनुमानित सालाना रिटर्न के हिसाब से उसका कुल फंड 1 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। यही SIP की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है, जहां छोटी रकम भी समय के साथ कंपाउंडिंग की वजह से बड़ा रूप ले लेती है।

35 साल में कितना होगा निवेश

35 साल तक हर महीने 2,000 रुपये निवेश करने पर कुल निवेश राशि केवल 8,40,000 रुपये होगी। लेकिन अगर औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो मैच्योरिटी पर कुल फंड 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। यानी कमाई का बड़ा हिस्सा ब्याज और रिटर्न से आता है।

हर महीने निवेश की राशि- 2000 रुपये

अनुमानित सालाना रिटर्न- 12 प्रतिशत

टाइम पीरियड- 35 वर्ष

विवरणराशि
निवेश की गई राशि8,40,000 रुपये
अनुमानित रिटर्न1,01,81,662 रुपये
कुल वैल्यू1,10,21,662 रुपये

66 रुपये की बचत कैसे होगी

आसान भाषा में समझें तो 2,000 रुपये महीने का मतलब लगभग 66 रुपये रोजाना होता है। यानी अगर कोई व्यक्ति रोज एक फास्ट फूड या कुछ दूसरे अनावश्यक खर्च कम कर दे, तो उतनी रकम SIP में निवेश की जा सकती है। शुरुआत में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन लंबे समय में यही निवेश करोड़ों तक पहुंच सकता है।

तेजी से कैसे बढ़ता है फंड

इस तरह के निवेश में कंपाउंडिंग सबसे अहम भूमिका निभाती है। कंपाउंडिंग का मतलब होता है कि आपको सिर्फ जमा रकम पर ही नहीं, बल्कि पहले मिले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है। यही वजह है कि समय बढ़ने के साथ फंड तेजी से बढ़ने लगता है।

जोखिम कैसे होता है कम

SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि बाजार ऊपर है या नीचे। आप हर महीने तय रकम निवेश करते रहते हैं। जब बाजार नीचे होता है तो ज्यादा यूनिट मिलती हैं और बाजार ऊपर होने पर कम यूनिट मिलती हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से निवेश की औसत लागत संतुलित हो जाती है और जोखिम कम करने में मदद मिलती है।

SIP किसके लिए अच्छा विकल्प

इसके अलावा SIP छोटे निवेशकों के लिए भी आसान विकल्प माना जाता है। इसमें बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती और 500 या 1,000 रुपये महीने से भी शुरुआत की जा सकती है। नौकरीपेशा लोग, स्टूडेंट या छोटे व्यवसायी भी अपनी आय के अनुसार SIP शुरू कर सकते हैं।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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