सड़कों पर उतरे बैंक कर्मचारी, ये है मांग, क्या होगी पूरी?
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 23, 2026, 09:20 AM IST
Five Day Work Week: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर राजस्थान में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (Five-Day Work Week) लागू करने की मांग उठाई। जयपुर सहित राज्य के कई जिलों में कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार और बैंक प्रबंधन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर किया प्रदर्शन (तस्वीर-X)
Five Day Work Week: राजस्थान में गुरुवार (22 जनवरी 2026) को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (Five-Day Work Week) लागू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर किया गया। राज्य के कई जिलों में बैंक शाखाओं और कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों ने विरोध जताया और सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की।
जयपुर में मानव सीरीज बनाकर जताया विरोध
राजधानी जयपुर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने शाम के समय स्टैच्यू सर्किल से भगवान दास रोड तक मानव सीरीज बनाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारे लगाए और हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को सामने रखा। तख्तियों पर बैंकों में पांच दिवसीय सप्ताह लागू करो जैसे मैसेज लिखे हुए थे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की।
राज्यभर में हुआ विरोध प्रदर्शन
यूएफबीयू के पदाधिकारियों ने बताया कि जयपुर के अलावा राजस्थान के अन्य शहरों और कस्बों में भी बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर बैंक शाखाओं के बाहर धरना दिया गया, वहीं कुछ स्थानों पर कर्मचारियों ने काम के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। यूनियन नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो इसे आगे और तेज किया जाएगा।
बढ़ते कार्यभार से परेशान बैंक कर्मचारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक यूएफबीयू के संयोजक महेश मिश्रा ने प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में लगातार काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों की संख्या कम होती जा रही है, लेकिन काम कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, लोन वसूली और ग्राहकों की बढ़ती संख्या के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव है। इसके बावजूद कर्मचारियों को पर्याप्त आराम और समय नहीं मिल पा रहा है।
अन्य विभागों में पहले से लागू है व्यवस्था
महेश मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों और कई सार्वजनिक उपक्रमों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (Five-Day Work Week) लागू है। लेकिन बैंक कर्मचारियों की यह मांग वर्षों से लंबित पड़ी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य सरकारी विभागों में यह सुविधा दी जा सकती है, तो बैंक कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है।
मांग नहीं मानी तो होगा बड़ा आंदोलन
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक यूएफबीयू संयोजक ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन ने जल्द ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हड़ताल और बड़े प्रदर्शन भी किए जा सकते हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह से न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेगी और जल्द कोई ठोस निर्णय करेगी। फिलहाल बैंक कर्मचारी एकजुट होकर अपनी मांग के समर्थन में लगातार आवाज उठा रहे हैं।
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