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ये महिला न होती तो बाबा की नहीं चमकती पतंजलि, रामदेव से है 17 साल पुराना नाता

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jun 17, 2023, 05:00 PM IST

Baba Ramdev:बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने 2006 में जब अपनी कंपनी शुरू की थी तब उन्हें पर्सनल लोन मिला था। उस समय उनके पास बैंक खाता भी नहीं था।

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बाबा रामदेव, सुनीता और सरवन सैम पोद्दार

Sunita Poddar, woman who loaned money to Baba Ramdev:बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने 2006 में जब अपनी कंपनी शुरू की थी तब उन्हें पर्सनल लोन मिला था। उस समय उनके पास बैंक खाता भी नहीं था। उन्हें अपने अनुयायी सुनीता और सरवन सैम पोद्दार से लोन मिला था। 2011 की एक इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सरवन 'सैम' पोद्दार और उनकी पत्नी सुनीता स्कॉटलैंड के निवासी हैं। पतंजलि योग पीठ (UK) ट्रस्ट के मुताबिक उन्होंने 20 लाख पाउंड में लिटिल कुम्ब्रे नामक एक द्वीप खरीदा और 2009 में इसे बाबा रामदेव को गिफ्ट कर दिया था।

2011 में, उनके पास कंपनी में प्रत्येक के 12.46 लाख शेयर थे। इसलिए 2011 में कंपनी में उनकी 7.2 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वे आचार्य बालकृष्ण के बाद पतंजलि आयुर्वेद में दूसरे सबसे बड़े हितधारक थे, जिनके पास कंपनी में 92 प्रतिशत से अधिक शेयर थे। यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में उनकी कंपनी में हिस्सेदारी है या नहीं।

बाबा रामदेव की पतंजलि ने पिछले वित्त वर्ष में 886.44 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था। फोर्ब्स के मुताबिक, आचार्य बालकृष्ण की कुल संपत्ति 29,680 करोड़ रुपए है। कंपनी का टर्नओवर 40000 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

योग से हुआ वजन कम

रामदेव के योग अपनाने के बाद सुनीता का वजन काफी कम हो गया था। यही कारण है कि उसने अपने पति को द्वीप दान करने के लिए राजी कर लिया। सुनीता यूके के पतंजलि पीठ ट्रस्ट की ट्रस्टी बन गई थीं। उन्हें एक बार बाबा रामदेव की योग कक्षाओं की एक डीवीडी मिली थी। रामदेव के ग्लासगो आने पर उनकी मुलाकात हुई।

बिहार से हैं सरवन

सरवन का जन्म बिहार के बेतिया में हुआ था। पोद्दार को 2011 में कई प्रकाशनों में चित्रित किया गया था। वह यूनाइटेड किंगडम में बाबा रामदेव की संपर्क व्यक्ति भी हैं। सैम इंजीनियर हैं। उन्होंने 1980 के दशक में एक परिचित का होम-केयर व्यवसाय खरीदा। 1982 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

सुनीता ग्लासगो की सबसे धनी महिलाओं में से एक

सुनीता ग्लासगो की सबसे धनी महिलाओं में से एक हैं। वह योग कक्षाएं भी प्रदान करती हैं। वे योग शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करते हैं। सुनीता गैस स्टेशन चलाती थीं। वह अपने पति के व्यवसाय से जुड़ गईं। व्यवसाय सफल हो गया। रामदेव ने एक बार कहा था कि 1995 में उनके पास दिव्य फार्मेसी के पंजीकरण के लिए पैसे भी नहीं थे। तब वे एक छोटे से योग शिक्षक थे।

उनका जन्म मुंबई में हुआ था। वह काठमांडू में पली-बढ़ी। सैम पोद्दार के पिता ग्लासगो में डॉक्टर थे। जब सैम सिर्फ 4 साल का था तब वह देश चला गया। सैम से शादी के बाद जब वह ग्लासगो आई तो वह 18 साल की थी।

गोविंद अग्रवाल नाम के शख्स ने भी की मदद

जब रामदेव ने लोकप्रियता हासिल की, तो उन्होंने अपने कार्यों को बढ़ाकर कंपनी को जनता तक ले जाने का फैसला किया। उस समय सरवन और सुनीता पोद्दार ने उन्हें काफी कर्ज दिया था। गोविंद अग्रवाल नाम के शख्स ने भी उनकी मदद की। सुनीता ओकमिनस्टर हेल्थकेयर की सीईओ और संस्थापक हैं, जो स्कॉटलैंड की अग्रणी और होम केयर और पुनर्वास सेवाओं के पुरस्कार विजेता प्रदाताओं में से एक है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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