Ashwin Dani Passes Away: एशियन पेंट्स (Asian Paints) के पूर्व वाइस-चेयरमैन अश्विन दानी (Ashwin Dani) का 28 सितंबर को निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे। वह एक भारतीय अरबपति कारोबारी थे और 16 देशों में कारोबार करने वाली भारत की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स के नॉन-एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर भी थे। फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ 59000 करोड़ रु थी।
कहां से की पढ़ाई
दानी ने पेंट्स, वार्निश और पिगमेंट की तकनीक में स्पेशियलाइजेशन के साथ यूनिवर्सिटी ऑफ से ग्रेजुशन की। ग्रेजुशन की पढ़ाई के बाद वे आगे की शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। वहां उन्होंने ओहियो में एक्रोन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और पॉलिमर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की।
एमएससी के बाद, दानी ने न्यूयॉर्क में रेंससेलर पॉलिटेक्निक में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने कलर साइंस में डिप्लोमा हासिल किया।
एशियन पेंट्स में भूमिका
एशियन पेंट्स ने अश्विन दानी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार किया, जिसके बाद कंपनी दुनिया की प्रमुख पेंट कंपनियों में से एक बन गई। दानी भारत में कम्प्यूटराइज्ड कलर मिक्स प्रोग्राम शुरू करने वाले पहले व्यक्ति हैं।
पिता ने की एशियन पेंट्स की शुरुआत
एशियन पेंट्स की शुरुआत चार गुजराती दोस्तों चंपकलाल चोकसी, चिमनलाल चोकसी, सूर्यकांत दानी और अरविंद वकील ने मिलकर गैवाडी, गिरगांव, मुंबई में एक गैरेज में की थी। उन्होंने फरवरी 1942 में कंपनी की स्थापना की। इनमें सूर्यकांत दानी अश्विन दानी के पिता हैं।
दानी 1968 में एशियन पेंट्स में शामिल हुए। दिसंबर 1998 और मार्च 2009 के बीच, दानी कंपनी के वाइस चेयरमैन और एमडी रहे। एशियन पेंट्स में शामिल होने से पहले, दानी ने डेट्रॉइट, अमेरिका में इनमोंट कॉर्प के साथ एक डेवलपमेंट केमिस्ट के रूप में भी काम किया। उन्होंने ईना दानी से शादी की और उनके तीन बच्चे हैं। उनके बेटे, मालव दानी, एशियन पेंट्स के बोर्ड में शामिल हैं।
