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Ashneer Grover, Bharat Pay: अशनीर ग्रोवर और भारत पे की लंबी लड़ाई खत्म, 89 करोड़ का विवाद सुलझा

Ashneer Grover, Bharat Pay: ग्रोवर ने लिखा है कि मैं भारत पे के साथ अब किसी भी प्रकार से जुड़ नहीं रहूंगा। इसमें शेयरहोल्डिंग भी शामिल है। मेरे बाकी के शेयर फैमिली ट्रस्ट द्वारा मैनेज किए जाएंगे। दोनों पार्टियों ने केस को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है।

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अशनीर ग्रोवर

Ashneer Grover, Bharat Pay:फिनटेक कंपनी भारतपे और उसके पूर्व सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर के बीच लंबी लड़ाई थम गई है। सोमवार को आई जानकारी के अनुसार 88.67 करोड़ रुपये के फंड की हेराफेरी के मामले में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद एक समझौता हो गया है। भारत पे ने आईएएनएस को दिए बयान में कहा है कि समझौते के मुताबिक अब ग्रोवर किसी भी तरह से कंपनी से जुड़े नहीं है और न ही उनके पास कंपनी की कोई शेयरहोल्डिंग होगी। भारतपे ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने दायर मामलों को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।

क्या हुआ समझौता

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ग्रोवर के कुछ शेयर कंपनी के लाभ के लिए रेजिलिएंट ग्रोथ ट्रस्ट को हस्तांतरित किए जाएंगे और उनके शेष शेयरों का प्रबंधन उनके पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। कंपनी ने कहा है कि हम ग्रोवर के लिए अच्छे होने की कामना करते हैं। भारत पे मुनाफे के साथ ग्रोथ को जारी रखते हुए मर्चेंट्स और ग्राहकों को इंडस्ट्री के अग्रणी सॉल्यूशंस पेश करता रहेगा। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ग्रोवर ने पोस्ट में लिखा है कि वह भारतपे के साथ एक समझौते पर पहुंच गए हैं।मैं भारतपे के बोर्ड और मैनेजमेंट में पूरा भरोसा रखता हूं, वे कंपनी को सही दिशा में आगे ले जाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

अब किसी तरह नहीं जुडूंगा

ग्रोवर ने आगे लिखा कि मैं भारत पे के साथ अब किसी भी प्रकार से जुड़ नहीं रहूंगा। इसमें शेयरहोल्डिंग भी शामिल है। मेरे बाकी के शेयर फैमिली ट्रस्ट द्वारा मैनेज किए जाएंगे। दोनों पार्टियों ने केस को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुझे विश्वास है कि भारतपे के सभी पक्षों को इसका लाभ होगा।अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर को 88.67 करोड़ रुपये फंड की हेराफेरी करने के मामले में भारतपे से निकाल दिया गया था। इसके बाद कंपनी ने पैसों की वापसी के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था।

पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) की ओर से इस मामले में दीपक गुप्ता को गिरफ्तार किया था, जो कि ग्रोवर के परिवार से ही था। इससे पहले एक अन्य आरोपी अमित बंसल को भी ईओडब्ल्यू की ओर से गिरफ्तार किया गया था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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