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ईरान संकट टलते ही दहाड़ा रुपया, डॉलर के सामने लगा दी लंबी छलांग, जानिए आज का भाव

  • Edited by: Alok Singh
  • Updated Apr 8, 2026, 04:56 PM IST

Dollar Vs Rupee: रुपये में आज जबरदस्त तेजी रही। इसकी वजह ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे युद्ध पर सीजफायर की मुहर थी। इसका असर शेयर बाजार पर देखने को मिला।

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रुपया उछला

Rupee Vs Dollar: अमेरिका-ईरान में सीजफायर होते ही दुनियाभर के बाजारों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। भारतीय शेयर बाजार के साथ रुपये ने भी लंबी छलांग लगाई है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले 47 पैसे मजबूत होकर 92.59 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ दो सप्ताह के लिए सैन्य हमले स्थगित करने की घोषणा करने और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रमुख नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से घरेलू मुद्रा को बल मिला है। इससे रुपये में जबरदस्त तेजी आई।

मजबूती के साथ खुला था रुपया

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला। यह शुरुआती कारोबार में 92.56 प्रति डॉलर तक पहुंचा और अंत में 92.59 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से 47 पैसे की बढ़त है। रुपया मंगलवार को 93.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.90 पर रहा।

शेयर बाजार में भी रही मजबूती

घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 2,946.32 अंक चढ़कर 77,562.90 अंक पर जबकि निफ्टी 873.70 अंक बढ़त के साथ 23,997.35 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 13.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.27 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 8,692.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

LKP सिक्योरिटीज में VP रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने बताया कि US-ईरान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) की घोषणा के बाद बेहतर हुए सेंटिमेंट से सपोर्ट मिला, जिससे जियोपॉलिटिकल जोखिम कम हुआ। इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। कीमतों में लगभग 13-15% की गिरावट आई है और वे $95-96 के दायरे में आ गई हैं, जिससे भारत के इंपोर्ट बिल पर दबाव कम हुआ है। तेल की कीमतों में आई इस नरमी से रुपये को काफी राहत मिली है, क्योंकि कम एनर्जी लागत से मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता बेहतर होती है। हालांकि, इस मजबूती का टिके रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि सीजफायर कितने समय तक कायम रहता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते सप्लाई कब तक सामान्य होती है। निकट भविष्य में, 93.25 के आसपास सपोर्ट देखा जा रहा है, जबकि 92.10 के पास रेजिस्टेंस है।

Alok Singh
Alok Singhauthor

Have been covering Delhi for at least 10 years. Area of expertise is crime reporting, investigation and political reporting. Have earlier done reporting in UP and Punjab.

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