अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी से आगे बढ़ना होगा: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2020, 12:23 PM IST

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा।

अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी से आगे बढ़ना होगा: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास

नई दिल्ली : आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार (27 अगस्त) कहा कि ऋण समाधान ढांचे से कोविड-19 संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे कर्जदारों को टिकाऊ राहत मिलने की उम्मीद है। महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा, साथ ही वित्तीय क्षेत्र को सामान्य स्थिति में लौटना चाहिए। गवर्नर दास ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह से यह नहीं मानना चाहिए कि आरबीआई उपायों को जल्द हटा लेगा। कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण सही दिशा में एक कदम है, बैंकों का आकार जरूरी है, लेकिन दक्षता इससे भी महत्वपूर्ण है। बैंक तनाव का सामना करेंगे, यह जाहिर सी बात है। अधिक महत्वपूर्ण यह है कि बैंक चुनौतियों के समक्ष किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं और उसका सामना करते हैं।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ऋण समाधान ढांचे से कोविड-19 संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे कर्जदारों को टिकाऊ राहत मिलने की उम्मीद है। कोविड-19 महामारी के प्रकोप और अन्य पहलुओं पर एक बार स्पष्टता होने के बाद आरबीआई मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि पर अपने पूर्वानुमान देना शुरू कर देगा। आरबीआई गवर्नर ने महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा, साथ ही वित्तीय क्षेत्र को सामान्य स्थिति में लौटना चाहिए।

गवर्नर दास ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह से यह नहीं मानना चाहिए कि आरबीआई उपायों को जल्द हटा लेगा। कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है। चाहे दर में कटौती हो या फिर अन्य नीतिगत कदम, हमारे उपाय समाप्त नहीं हुए हैं।

आरबीआई प्रमुख ने चाहे दर में कटौती हो या फिर अन्य नीतिगत कदम, हमारे उपाय समाप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों में धोखाधड़ी से बचने के लिए सुधार लाने की काफी गुंजाइश है। बैंकों, वित्तीय क्षेत्र की मजबूती के लिए आगे बढ़कर पूंजी जुटाना काफी महत्वपूर्ण होगा।

दास ने कहा कि महामारी के खिलाफ सरकार ने वित्तीय स्तर पर काफी जिम्मेदारी, सूजबूझ और सोच विचार के साथ कदम उठाएं हैं। जोखिम से जरूरत से ज्यादा दूर रहना खुद बैंकों के लिए नुकसानादायक होगा।

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