Independence Day Speech 2022: स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने के लिए पीएम ने की युवाओं की सराहना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 15, 2022, 11:57 AM IST

Independence Day Speech, Bhashan in Hindi 2022 (स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में 2022): स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला की प्राचीर से लगातार नौंवी बार तिरंगा फहराया।

Independence Day Speech 2022: स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने के लिए पीएम ने की युवाओं की सराहना
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Independence Day Speech 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 15 अगस्त 2022 को आजादी के 75 साल (Independence Day) पूरे होने पर देश को बधाई दी। लाल किले से अपने नौवें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, पीएम मोदी ने कहा कि, 'भारत एक महत्वाकांक्षी समाज है जहां सामूहिक भावना से परिवर्तन हो रहे हैं। भारत के लोग सकारात्मक बदलाव चाहते हैं और उनमें योगदान भी देना चाहते हैं। हर सरकार को इस आकांक्षी समाज को संबोधित करना होगा।'

अपनी क्षमताओं पर करें विश्वास
उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप की शक्ति का उपयोग कर रहा है, भारत के टियर -2 और टियर -3 शहरों के युवाओं द्वारा विकास संभव किया गया है। हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना होगा और यह सिर्फ तभी संभव है जब हम अपने देश की जमीनी हकीकत से जुड़े। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा (Independence Day Speech) कि भारतीयों को दूसरे देशों का अनुकरण करने की जरूरत नहीं है। आगे बढ़ने के लिए अपना रास्ता खुद बनाने की जरूरत है।

जब हमें आजादी मिली तो कई स्केपटिक थे जिन्होंने हमारे विकास पथ पर संदेह किया। लेकिन, वे नहीं जानते थे कि इस देश के लोगों के बारे में कुछ अलग है। उन्हें नहीं पता था कि यह मिट्टी खास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक आकांक्षी समाज है जहां सामूहिक भावना से परिवर्तन हो रहे हैं। भारत के लोग सकारात्मक बदलाव चाहते हैं और इसमें योगदान भी देना चाहते हैं।

भारत के पास अमूल्य क्षमता
भारत लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने कहा कि भारत ने साबित कर दिया है कि उसके पास अमूल्य क्षमता है और उसने अपनी 75 साल की यात्रा के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया है। प्रधानमंत्री ने अगले 25 सालों के लिए पांच प्रमुख कारकों को भी रेखांकित किया- वाइब्रेंट/इंक्लूसिव भारत, अपने वास्तविक अर्थों में स्वतंत्रता, भारत की समृद्ध विरासत, एकीकृत भारत और एकता की भावना। उन्होंने जोर दिया कि नागरिकों को जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए।

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