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Tata Capital IPO में पैसा लगाने की है तैयारी! जानें क्या चल रहा ताजा GMP?

Tata Capital IPO GMP: लंबे इंतजार के बाद टाटा कैपिटल लिमिटेड (टीसीएल) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO ) आज, 6 अक्टूबर से निवेशकों के लिए खुल गया है। यह आईपीओ 8 अक्टूबर को बंद होगा। आईपीओ 13 अक्टूबर को एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।

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आईपीओ

Tata Capital IPO GMP: टाटा कैपिटल आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों का इंतजार खत्म हो गया है। रिटेल निवेशकों के लिए आज, 6 अक्टूबर से यह आईपीओ खुल गया है। आम निवेशक इस आईपीओ में 8 अक्टूबर तक पैसा लगा पाएंगे। आपको बता दें कि इस साल टाटा का आईपीओ सबसे बड़ा है। टाटा कैपिटल के IPO का साइज 15,511.87 करोड़ रुपये है। इससे पहले पिछले साल हुंडई मोटर इंडिया 27,859 करोड़ रुपये का आईपीओ लाया था। अगर आप इस आईपीओ में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे हैं तो आइए जानते हैं कि इसका ताजा GMP क्या चल रहा है? साथ ही अभी तक यह आईपीओ कितना सब्सक्राइब हुआ है?

क्या चल रहा है ताजा जीएमपी?

आज से टाटा कैपिटल का आईपीओ खुला है। अगर ताजा जीएमपी देखें तो यह ₹13 है। यानी ग्रे मार्केट में 326 रुपये के प्राइस बैंड के साथ, टाटा कैपिटल के आईपीओ का अनुमानित लिस्टिंग मूल्य ₹339 (कैपिटल प्राइस + आज का जीएमपी) है। प्रति शेयर अपेक्षित लाभ/हानि 3.99% है।

आईपीओ के बारे में

बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, निवेशकों ने 6 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे तक आईपीओ में पेश किए गए 33,34,36,996 इक्विटी शेयरों में से 6,95,73,988 इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि यह IPO रणनीतिक विकास और एनबीएफसी को सूचीबद्ध करने के लिए नियामक आदेश से प्रेरित है। नए निर्गम से प्राप्त राशि कंपनी के टियर 1 पूंजी आधार को रणनीतिक रूप से मजबूत करेगी, जिससे आगे के ऋण देने और खुदरा क्षेत्रों में आक्रामक विस्तार करने में मदद मिलेगी। इसलिए निवेशकों के लिए यह आईपीओ एक बेहतर मौका लेकर आया है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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