iPhone Production in India:आईफोन कंपनी एप्पल भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की तैयारी में है। इसके तहत कंपनी अपने कुल मैन्युफैक्चरिंग का 25 फीसदी तक प्रोडक्शन भारत में कर सकती है। इस बात का दावा वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को किया। उनके अनुसार अनुकूल कारोबारी माहौल वैश्विक कंपनियों को यहां उनका आधार बनाने में मदद कर रहा है।उन्होंने कहा कि भारत में कानून व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त है, सरकारी नीतियां और व्यापारिक मॉडल पारदर्शी हैं, जिससे भारत विदेशी निवेशकों के लिए उपयुक्त स्थान बन गया है। इसी बीच इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एप्पल भारत से एक महीने में एक अरब डॉलर का निर्यात करने वाली पहली कंपनी बन गई है। कंपनी ने दिसंबर में यह मुकाम हासिल किया है। Apple अपने तीन कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर्स के जरिए भारत में iPhone 12, 13, 14 और 14+ मॉडल्स का प्रोडक्शन कर रही है और इनका ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट कर रही है।
अभी 5-7 फीसदी मैन्युफैक्चरिंग
पीयूष गोयल ने कहा कि एप्पल पहले से ही अपने कुल मैन्युफैक्चरिंग का 5-7 प्रतिशत भारत में करती है। उन्होंने कहा कि ‘‘अगर मैं गलत नहीं हूं, तो वे भारत में 25 प्रतिशत तक मैन्युफैक्चरिंग का लक्ष्य बना रहे हैं। उन्होंने अपने लेटेस्ट मोबाइल फोन के मॉडल भारत से पेश किए है। इन मॉडल की मैन्युफैक्चरिंग भारत में हुई थी। गोयल ने सोमवार को उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित बी20 इंडिया की शुरुआती बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं।
इससे पहले पिछले साल नवंबर में दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि एप्पल आईफोन के मैन्युफैक्चरिंग की सबसे बड़ी इकाई कर्नाटक में बेंगलुरु के निकट होसुर में बनने वाली है, जिससे लगभग 60,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी के लिए आईफोन का भारत में मैन्युफैक्चरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों- फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन द्वारा किया जाता है।
भारत में महंगाई नियंत्रण में
दुनिया में आर्थिक अनिश्चितताओं के पर उन्होंने कहा कि यह वर्ष दुनियाभर के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। गोयल ने कहा कि कई देशों में महंगाई बहुत ज्यादा है लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी भारत में कीमतें नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में औसत महंगाई दर 4.5 प्रतिशत होगी, जबकि पहले 10-12 प्रतिशत महंगाई दर आम थी। जिस समय विकसित अर्थव्यवस्थाएं जहां मंद पड़ गई हैं, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के तौर पर उभर रही है। ब्याज दर बढ़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह स्थिति कोरोना महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण पैदा हुई है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
