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Apple Price Hike: ग्राहकों को तगड़ा झटका! भारत में 80000 तक महंगे हो सकते हैं MacBook और iPad, जानें नई कीमतें

Apple Price Hike: ऐप्पल लवर्स को तगड़ा झटका लगा है. एआई डेटा सेंटर्स के कारण स्टोरेज और मेमोरी की बढ़ती लागत की वजह से कंपनी ने भारत में अपने MacBook और iPad की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे ये गैजेट्स काफी महंगे हो गए हैं।

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MacBook iPad

टेक दिग्गज कंपनी ऐप्पल (Apple) के गैजेट्स खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों के लिए एक बेहद निराश करने वाली खबर है। पिछले कई दिनों से बाजार में जिस बात की सुगबुगाहट चल रही थी, अब वह पूरी तरह सच साबित हो गई है। ऐप्पल ने मेमोरी और स्टोरेज बनाने वाले कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के कारण अपने गैजेट्स को महंगा करना शुरू कर दिया है और इसकी शुरुआत मैकबुक (MacBook) और आईपैड (iPad) के साथ हुई है। एंड्रॉयड कंपनियां पहले से ही अपने स्मार्टफोन और गैजेट्स महंगे कर रही थीं और अब ऐप्पल ने भी अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाकर ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। भारत समेत दुनियाभर के ऐप्पल स्टोर्स और ऑफिशियल वेबसाइट पर नई बढ़ी हुई कीमतें लाइव हो चुकी हैं, जिसके लिए गुरुवार सुबह कंपनी का ऑनलाइन स्टोर कुछ समय के लिए डाउन भी किया गया था।

भारत में कितने मेहेंगे हुए MacBook और iPad?

अगर कीमतों में हुए बदलाव की बात करें, तो भारत में मैकबुक और आईपैड के अलग-अलग मॉडल्स के दाम में भारी इजाफा देखा गया है। ऐप्पल की भारतीय वेबसाइट के मुताबिक, मैकबुक नियो का एक मॉडल ₹79,900 का दिखाई दे रहा है, जिसमें अगर यह 512 जीबी मॉडल है तो दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, 13-इंच वाले मैकबुक एयर (MacBook Air) की लॉन्चिंग कीमत जो पहले ₹1,19,900 थी, वह अब सीधे ₹30,000 बढ़कर ₹1,49,900 हो चुकी है। वहीं, 15-इंच वाला मैकबुक एयर मॉडल जो ₹1,44,900 में लॉन्च हुआ था, अब ₹1,79,900 में मिलेगा। आसान शब्दों में समझें तो जो बजट पहले 15-इंच वाले बड़े मॉडल का था, अब उतने पैसे में ग्राहकों को छोटा 13-इंच वाला मॉडल मिलेगा। इसके अलावा आईपैड एयर (iPad Air) के 11-इंच मॉडल की कीमत बढ़कर ₹89,900 और 13-इंच मॉडल की कीमत ₹1,19,900 हो गई है, जो इनकी लॉन्चिंग कीमतों से काफी ज्यादा है।

क्यों बढ़ाई गईं कीमतें?

एपल ने इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि पर आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि इस समय पूरी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री एक अभूतपूर्व और बेहद कठिन चुनौती का सामना कर रही है। दरअसल, दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण एआई डेटा सेंटर्स का तेजी से विस्तार हो रहा है। इन डेटा सेंटर्स की वजह से मार्केट में रैम (Memory) और एसएसडी (Storage) की मांग में भयंकर उछाल आया है। ऐप्पल ने कहा कि वे अब एक ऐसे मोड़ पर आ गए हैं जहां कंपोनेंट्स की आसमान छूती लागत के कारण प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है। कंपनी ने यह भी माना कि यह ग्राहकों के लिए बिल्कुल भी अच्छी खबर नहीं है और वे इसका कोई दूसरा बेहतर समाधान तलाशने पर लगातार काम कर रहे हैं।

इस पूरे मामले पर ऐप्पल के सीईओ टिम कुक (Tim Cook) की भी बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, टिम कुक ने इस बढ़ोतरी और टेक इंडस्ट्री के इन मुश्किल हालातों की तुलना '100 साल में एक बार आने वाली बाढ़' से कर दी है। उन्होंने बेहद हैरान होते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिछले 40 से अधिक वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक्स और कंपोनेंट मार्केट में ऐसा संकट कभी नहीं देखा। टिम कुक ने साफ शब्दों में कहा कि पार्ट्स की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ चुकी हैं कि ऐप्पल अब चाहकर भी इसका पूरा बोझ खुद नहीं उठा सकती और अपने ग्राहकों को इस महंगाई से और ज्यादा दिनों तक नहीं बचा सकती। यही वजह है कि अचानक कंपनी को अपने ऑनलाइन स्टोर की कीमतें अपडेट करनी पड़ी हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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