अमिताभ कांत ने जी-20 शेरपा वाले पद से इस्तीफा दे दिया है। वही, जो पहले नीति आयोग के सीईओ भी रह चुके हैं। केरल कैडर से, 1980 बैच के बहुत सीनियर IAS अफसर रहे हैं। जुलाई 2022 में इन्हें भारत का जी-20 शेरपा बनाया गया था, जब भारत को इसकी अध्यक्षता मिलने वाली थी। अब उन्होंने अपने लिंक्डइन पर एक पोस्ट डाली है। उन्होंने उसमें लिखा है कि, "45 साल तक सरकार की सेवा की, अब कुछ नया करने का वक्त है।" उन्होंने प्रधानमंत्री का भी शुक्रिया अदा किया कि उन्हें देश के विकास से जुड़ी अहम जिम्मेदारियाँ निभाने का मौका मिला।
भारत की जी-20 अध्यक्षता को बताया ऐतिहासिक
कांत ने कहा कि भारत की 2023 की जी-20 अध्यक्षता सबसे समावेशी, महत्वाकांक्षी और निर्णयात्मक रही। उन्होंने बताया कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद ‘न्यू डेली लीडर्स डिक्लेरेशन’ पर सर्वसम्मति बनी।
कांत ने नीति आयोग के सीईओ (2016-2022) रहते हुए देश के 115 पिछड़े जिलों के उत्थान में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और भारत की डिजिटल क्रांति की नींव मजबूत की गई।
उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाएं, हरित हाइड्रोजन मिशन और ‘अटल इनोवेशन मिशन’ जैसी पहलों ने भारत को नवाचार और टिकाऊ विकास में अग्रणी बनाने में मदद की।
भविष्य की योजना
कांत ने कहा कि अब वे निजी क्षेत्र, स्टार्टअप, अनुसंधान और शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर विकसित भारत की दिशा में योगदान देने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और डॉ. एस. जयशंकर का मार्गदर्शन और समर्थन देने के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया।
भाषा इनपुट के साथ
