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अमित शाह आज लॉन्च करेंगे पोर्टल, Sahara निवेशकों के फंसे पैसे वापस मिलने का रास्ता होगा आसान

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 18, 2023, 09:26 AM IST

सहाकारिता मंत्रालाय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को सेंट्रल रिजस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज-सहारा पोर्टल को मंगलवार को लांच करेंगे।

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अमित शाह लॉन्च करेंगे पोर्टल

Sahara India Money Refund: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह निवेशकों के फंसे पैसे को लौटाने के लिए आज एक पोर्टल लांच करने जा रहे हैं। इस पोर्टल पर पैसे रिटर्न होने की सभी अहम जानकारी उपलब्ध होगी। सहारा के लाखों निवेशकों के लिए ये राहत भरी खबर है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने आम निवेशकों को फंसे पैसे को वापस करने के निर्देश जारी किए थे। इसके तहत सेबी के पास जब्त 24 हजार करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जाएंगे। अब पोर्टल लांच के बाद उन निवेशकों के बड़ी राहत मिलेगी, जिनका पैसा कई वर्षों से फंसा हुआ था।

ये था मामला

सहाकारिता मंत्रालाय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को सेंट्रल रिजस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज-सहारा पोर्टल को मंगलवार को लांच करेंगे। इसके पहले केंद्र सरकार ने एक याचिका के आधार पर सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी, कि एस्क्रो अकाउंट में रखा पैसा निवेशकों को वापस किया जाए। मामला साल 2012 का है जब सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में सहारा ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) को निवेशकों का पैसा लौटाने का निर्देश देने के बाद एस्क्रो अकाउंट खोलने का निर्देश दिया था। इसके तहत 24 हजार करोड़ रुपये जमा है। केंद्र सरकार ने उसी खाते से जमा पैसों को निवेशकों को जारी करने की सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

जज की निगरानी में वापस होना है पैसा

मार्च 2023 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा था कि सहारा समूह की सहकारी समितियों द्वारा ठगे गए जमाकर्ताओं के बीच इस राशि का वितरण किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शीर्ष अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी करेंगे।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

असल में यह विवाद साल 2009 में सहारा के OFCD से शुरु हुआ था। सहारा समूह ने उस वक्त OFCD के जरिए 24 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे। लेकिन बाद में यह मामला सामने आया कि सहारा ने गलत रुप से निवेशकों से रकम जुटाई। इस पूरे मामले में सहारा की दो कंपनियां सहारा हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन जुड़ी हुईं थी। धांधली सामने आने के बाद सेबी ने सहारा से निवेशकों को उनका पैसा 15 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने को कहा था।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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