Amit Shah on Urban cooperative banks: केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंक (यूसीबी) बैंकिंग विनियमन अधिनियम को आगे बढ़ने और प्रतिस्पर्धी बनने के एक अवसर के रूप में देखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि भविष्य सहकारी क्षेत्र का है और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करने की इच्छा रखने वाले 60 करोड़ लोगों को सशक्त बनाने में यूसीबी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बीआर अधिनियम केवल हमारी रक्षा करेगा- शाह
शाह ने यहां राष्ट्रीय शहरी सहकारी बैंक एवं ऋण समिति महासंघ (NAFCUB) की तरफ से आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि “सुनने में आता है कि बैंकिंग विनियमन (बीआर) अधिनियम यूसीबी के लिए दोहरी तलवार की तरह है। लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि बीआर अधिनियम केवल हमारी रक्षा करेगा और आपको मुझ पर विश्वास करने की जरूरत है।”
निजी बैंकों की तरह विकसित होंगे सहकारी बैंक
सहकारिता मंत्री ने यूसीबी से कहा कि वे बीआर अधिनियम को विनियमन के रूप में न देखें बल्कि प्रकाश की एक ऐसी किरण के रूप में देखें, जो सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को निजी बैंकों के बराबर विकसित करने में मदद करेगा। शाह ने कहा कि यूसीबी को प्रतिस्पर्धी बनने के लिए समय के साथ बदलना चाहिए और व्यावसायिकता एवं पारदर्शिता लाने के साथ वित्तीय मानकों को भी पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी सहकारी बैंकों का एक व्यापक संगठन उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इस संगठन का गठन किया जा रहा है।
