Paytm RBI Issue: पेटीएम संकट के बीच वित्त मंत्रालय फिनटेक कंपनियों के सामने आने वाली रेगुलेटरी चुनौतियों और मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अगले सप्ताह इस सेक्टर के साथ कई बैठकें करेगा। इन बैठकों में डेटा प्राइवेसी, कंज्यूमर प्रोटेक्शन, साइबर सिक्योरिटी और मौजूदा कानूनों और रेगुलशंस के अनुपालन जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा कई रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन करने में विफल रहने के लिए भारत की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम की बैंकिंग यूनिट पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर गंभीर प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है।
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क्या है इन बैठकों का मकसद
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ वित्त मंत्रालय की बैठकों का मकसद रेगुलेटरी गैप को दूर करना और इंडस्ट्री की सभी कंपनियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है। इन बैठकों में फिनटेक सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के आइडिया पर भी बात हो सकती है।
क्या है पेटीएम पर लगा बैन
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय और फिनटेक स्टार्टअप्स के बीच ये बैठकें अगले हफ्ते होंगी। RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 15 मार्च, 2024 के बाद किसी भी ग्राहक खाते, वॉलेट या FASTags में नए डिपॉजिट, क्रेडिट लेनदेन या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया है। RBI ने बिना सही आइडेंटिफिकेशन के हजारों अकाउंट जनरेट करने पर भी सवाल उठाए हैं।
टेंशन में फिनटेक इंडस्ट्री
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ आरबीआई की कार्रवाई से फिनटेक इंडस्ट्री में चिंता है। भारत में इस सेक्टर ने हाल के कुछ वर्षों में तेजी से ग्रोथ हासिल की है। भारत में 7,000 से अधिक फिनटेक स्टार्टअप हैं, जो डिजिटल लेन, डिजिटल पेमेंट, वेल्थ मैनेजमेंट, बीमा और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स जैसी सर्विसेज देते हैं।
2025 तक फिनटेक सेक्टर की वैल्यू लगभग 150 बिलियन डॉलर (करीब 12.5 लाख करोड़ रु) होने की उम्मीद है।
