एयर इंडिया पर एक बार फिर से जुर्माना लगा है। विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने यात्रियों को जरूरी सुविधाएं देने से संबंधित मानकों का पालन न करने के लिए एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बुधवार को बयान में कहा कि दिल्ली, कोच्चि और बेंगलुरु के हवाई अड्डों पर एयर इंडिया की इकाइयों का निरीक्षण करने के बाद यह पाया गया कि एयरलाइन नागर विमानन प्रावधानों (सीएआर) का ठीक से पालन नहीं कर रही है।
कारण बताओ नोटिस
इस संदर्भ में एयर इंडिया को तीन नवंबर को नियामक की तरफ से कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। डीजीसीए ने कहा कि नोटिस पर एयर इंडिया से मिले जवाब के आधार पर यह पाया गया कि वह यात्रियों को सुविधाएं देने के मानकों से संबंधित सीएआर का अनुपालन नहीं कर रही है। इस संबंध में एयरलाइन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एयर इंडिया पर उड़ानों में देरी होने पर यात्रियों को होटल में ठहराने, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुविधाजनक सीटें न पाने वाले यात्रियों को मुआवजा देने और ग्राउंड स्टाफ के समुचित प्रशिक्षण से संबंधित मानकों पर ध्यान न देने की बात कही गई है।
रूम के अलॉटमेंट को लेकर परेशानी
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस के कई केबिन क्रू सदस्यों ने लेओवर के दौरान रूम के अलॉटमेंट के फैसले के बारे में चिंता व्यक्त की है और दावा किया है कि इस तरह के कदम से उड़ान ड्यूटी से पहले निर्बाध आराम पाने में विभिन्न कठिनाइयां पैदा होती हैं। जबकि एयरलाइन ने कहा है कि रूम शेयरिंग कई अन्य कैरियर द्वारा अपनाई गई मार्केट के चलन के अनुरूप है।
