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AI से डरे नहीं, हाथ मिलाएं! नैसकॉम ने कहा-भारतीय कंपनियों के लिए 'खतरा' नहीं, 'खजाना' है एआई

AI Impact Summit 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में चल रही आशंकाओं के बीच NASSCOM ने एक बेहद सकारात्मक और उम्मीद जगाने वाला बयान दिया है। नैसकॉम का मानना है कि AI भारतीय कंपनियों के लिए किसी नुकसान का कारण नहीं, बल्कि विकास के अनगिनत नए अवसर लेकर आई है।

AI Impact Summit 2026

एआई से डरे नहीं, हाथ मिलाएं (AI Generated Image)

AI Impact Summit 2026: उद्योग संगठन नैसकॉम में Artificial intelligence (AI) प्रमुख अंकित बोस ने मंगलवार को कहा कि दुनिया भर में एआई का तेजी से विकास हो रहा है और इससे भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनके कारोबार पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

भारत में कामकाज की बदलेगी प्रकृति

भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि नौकरियों में कटौती की जगह भारत में कामकाज की प्रकृति बदलेगी क्योंकि Artificial intelligence (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भूमिकाएं भी बदलेंगी।

भारतीय पेशेवरों को आना होगा आगे

बोस ने ’पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा, "एआई पूरी दुनिया में विकसित हो रही है लेकिन इसे क्रियान्वित कौन करेगा... इसके लिए लोगों की जरूरत है। अब भारत क्षमता बढ़ा रहा है। व्यापक स्तर पर एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है और भारतीय पेशेवर इसे क्रियान्वित करेंगे। यह हमारे लिए बड़ा अवसर है लेकिन हमें समय से आगे रहना होगा और अपनी क्षमताओं को लगातार निखारना होगा।" अंकित बोस ने ’एआई इम्पैक्ट समिट’ के एक सत्र के साइडलाइन में यह बात कही।

क्षमता निर्माण के लिए उठाए जा रहे कदम

उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण के लिए सरकार और निजी क्षेत्र कदम उठा रहे हैं। बोस ने कहा, "आने वाले कुछ महीनों में हम करीब डेढ़ लाख लोगों को एआई आधारित विकास कार्यों के लिए सक्षम बनाएंगे। हम सरकार के साथ मिलकर कॉलेज के लिए जरूरी पाठ्यक्रम भी तैयार कर रहे हैं।"

कंपनियों को डरने की नहीं जरूरत

उन्होंने कहा कि इस तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी के कारण घरेलू या वैश्विक कंपनियों को सेवाएं देने वाली भारतीय कंपनियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। वास्तव में ये कंपनियां आगे बढ़ेंगी।

एआई के लिए अधिक लोगों की जरूरत

बोस ने कहा कि वैश्विक स्तर पर एआई के इस्तेमाल के लिए अधिक लोगों की जरूरत है और इसमें भारत की बड़ी ताकत है, हालांकि अल्प अवधि में कुछ उतार-चढ़ाव संभव है।

एआई कोई परियोजना नहीं एक यात्रा

ये टिप्पणियां अहम हैं क्योंकि भारत, सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं का बड़ा निर्यातक है। सत्र में सिफी टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजू वेगेसना ने कहा कि एआई के मोर्चे पर अभी लंबा रास्ता तय करना है। राजू ने भारत में आंकड़ा केंद्रों के लिए बिजली आपूर्ति की उपलब्धता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "एआई कोई परियोजना नहीं है, यह एक यात्रा है। इसमें काफी समय लगेगा।"

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शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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