Binny Bansal Exits Flipkart: सिंगापुर में रेलुगेटरी फाइलिंग के अनुसार फ्लिपकार्ट (Flipkart) में वॉलमार्ट (Walmart) की हिस्सेदारी लगभग 80 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे इसकी भारतीय ई-कॉमर्स फर्म में ओनरशिप मजबूत हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि को-फाउंडर बिन्नी बंसल (Binny Bansal) और अन्य माइनॉरिटी निवेशकों ने वॉलमार्ट को और ज्यादा हिस्सेदारी बेच दी है।
सचिन बंसल 2018 में हुए थे बाहर
फ्लिपकार्ट की शुरुआत बिन्नी बंसल ने सचिन बंसल के साथ मिलकर की थी। 5 साल पहले 2018 में सचिन बंसल भी फ्लिपकार्ट में अपनी पूरी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेचकर इससे बाहर निकल गए थे। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार Tracxn के ताजा आंकड़ों से पता चला कि वॉलमार्ट की अब फ्लिपकार्ट में 80.5% हिस्सेदारी है।
क्या है बिन्नी बंसल के फ्लिकार्ट से निकलने का मतलब
सचिन बंसल के बाद बिन्नी बंसल के फ्लिपकार्ट से बाहर निकलने और वॉलमार्ट की कंपनी में 80 फीसदी से हिस्सेदारी हो जाने का मतलब यह है कि अब फ्लिपकार्ट पर अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट का और भी मजबूत कंट्रोल होगा।
खास बात यह है कि भारत में फ्लिपकार्ट को ई-कॉमर्स सेक्टर में अमेरिकी कंपनी अमेजन को टक्कर देने वाला माना जाता रहा है। मगर अब फ्लिपकार्ट पर भी एक अमेरिकी कंपनी का ही कंट्रोल और भी मजबूत होने जा रहा है।
क्यों है ये बिग डील
फ्लिपकार्ट से बंसल का जाना पिछले करीब एक दशक में सबसे अधिक मशहूर भारतीय उपभोक्ता इंटरनेट स्टार्टअप में से एक के साथ फाउंडर एंटरप्रेन्योर के जुड़ाव के अंत का प्रतीक है। बंसल ने 2007 में बेंगलुरु में फेलो आईआईटी-दिल्ली ग्रेजुएट सचिन बंसल के साथ फ्लिपकार्ट की सह-स्थापना की थी। ध्यान रहे कि सरनेम एक जैसा होने के बावजूद सचिन और बिन्नी का कोई रिलेशन नहीं है।
बिन्नी को कितनी मिली राशि
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार नई ट्रांजेक्शन के हिसाब से फ्लिपकार्ट की वैल्यू 2.88 लाख करोड़ रु के करीब है। इस तरह बिन्नी बंसल को करीब 5350 करोड़ रु मिले होंगे।
