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Adani Group Shares: अडानी के शेयर बने रॉकेट, अमेरिका से आई इस खबर का दिखा असर

Adani Group Shares: एफबीआई निदेशक क्रिस रे के इस्तीफे की घोषणा के बाद अडानी समूह के शेयरों में 9% का उछाल आया। अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर और अन्य प्रमुख शेयरों में बढ़त देखी गई।

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अडानी स्टॉक्स में तेजी।

Photo : Times Now Digital

Adani Group stocks: एफबीआई निदेशक क्रिस रे द्वारा अगले साल की शुरुआत में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद भारतीय-अमेरिकी काश पटेल के संभावित नियुक्ति की खबर के साथ अडानी समूह के शेयरों में जोरदार उछाल आई। ट्रंप के संभावित इरादे को लेकर यह खबर आई है, जो रे के इस्तीफे के साथ एक नए राजनीतिक बदलाव को दर्शाती है। ट्रंप ने रे को 2017 में एफबीआई निदेशक नियुक्त किया था और अब वे इस पद पर भारतीय-अमेरिकी अधिकारी काश पटेल को लाने के इच्छुक हैं।

अडानी समूह के शेयरों में 9 फीसदी का उछाल

एफबीआई निदेशक के इस्तीफे के कारण, ईटी के मुताबिक अडानी समूह के सभी शेयरों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 28,000 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। सबसे ज्यादा लाभ अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में देखा गया, जिनमें 9% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद, अडानी पावर के शेयरों में 8% की बढ़त हुई, जो इंट्राडे आधार पर महत्वपूर्ण बढ़ोतरी थी। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी में शामिल अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के शेयरों में भी बढ़ोतरी देखी गई।

अडानी समूह के अन्य शेयरों में भी उछाल

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी विल्मर, अडानी टोटल गैस और सांघी इंडस्ट्रीज जैसे अन्य प्रमुख शेयरों में भी 5% तक की बढ़त देखी गई। इस दौरान, अडानी समूह के शेयरों का बाजार पूंजीकरण बढ़ने से निवेशकों में सकारात्मक बढ़त देखने को मिली।

अडानी समूह और एफबीआई के बीच जुड़ी घटनाएं

एफबीआई निदेशक क्रिस रे का इस्तीफा ट्रंप प्रशासन के सत्ता में लौटने की संभावना को उजागर करता है, जो पहले भी अपनी कार्यकाल के दौरान रे के पूर्ववर्ती जेम्स कॉमी को पद से हटा चुके हैं। कॉमी को 2016 के अभियान और रूस के कथित संपर्कों की जांच के चलते हटाया गया था। इस बीच, अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और छह अन्य व्यक्तियों पर एफबीआई के तहत अभियोग भी दायर किए गए हैं, जिससे दोनों घटनाओं में सीधा संबंध दिखता है।

अडानी समूह के शेयरों में आई भारी गिरावट के बाद यह उछाल

21 नवंबर को अमेरिकी अदालत के आदेश के बाद अडानी समूह के शेयरों के बाजार पूंजीकरण में 2.24 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई थी, जो हिंडनबर्ग इश्यू के बाद की सबसे बड़ी एक-दिन में हुई गिरावट थी। हालांकि, अब एफबीआई निदेशक क्रिस रे के इस्तीफे के बाद अडानी समूह के शेयरों में फिर से तेजी देखी जा रही है।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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