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Adani Hindenburg case: हिंडनबर्ग मामले में अडानी सेबी को 15 दिन बाद सौंपेगी फाइनल रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से मांगा समय

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Aug 14, 2023, 12:02 PM IST

Adani on Final Report: अडानी हिंडनबर्ग मामले में सेबी ने फिर से सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है। मार्केट रेगुलेटर ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए अपने आवेदन में कहा कि केस पर पर्याप्त काम किया गया है और रिपोर्ट 15 दिनों के बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

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Photo : BCCL

Adani on Final Report: अडानी हिंडनबर्ग मामले में सेबी ने फिर से सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है। मार्केट रेगुलेटर ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए अपने आवेदन में कहा कि केस पर पर्याप्त काम किया गया है और रिपोर्ट 15 दिनों के बाद सौंपने की इजाजत दी जाए। सेबी इस मामले में कथित शेयर बाजार हेरफेर और शॉर्ट-सेलर के ऑपरेशन के तरीके सहित अडानी-हिंडनबर्ग मामले की जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को 14 अगस्त तक का समय दिया था और 29 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय की थी। इसका मतलब है कि सेबी इस मामले की फाइनल रिपोर्ट 29 अगस्त को ही सौंपेगी। पिछली सुनवाई में सेबी ने अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में अपनी जांच पूरी करने के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय मांगा था।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक्सपर्ट कमेटी ने मई 2023 में एक अंतरिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था। एक्सपर्ट कमेटी ने कहा था कि उसने उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनियों में हेर-फेर का कोई स्पष्ट पैटर्न नहीं देखा और कोई नियामक विफलता नहीं हुई।

डेलॉयट ने कुछ पहले ही दिया है इस्तीफा

इससे पहले डेलॉयट ने अडानी एसईजेड के ऑडिटर के तौर पर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने से पहले डेलॉयट ने अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों की बाहर से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी। कंपनी ने हालांकि कहा कि आरोपों का वित्तीय लेखा-जोखा पर कोई असर नहीं पड़ा था और डेलॉयट के छोड़कर जाने के लिए बताया गया कारण संतोषजनक नहीं था। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशन इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) ने शेयर बाजार को भेजे 163 पन्नों की रिपोर्ट में डेलॉयट हास्किंस एंड सेल्स एलएलपी का इस्तीफा भेजा था।

एपीएसईजेड ने कहा कि डेलॉयट के अधिकारियों ने बैठक में अडानी समूह की दूसरी लिस्टिड कंपनियों के ऑडिटर के रूप में व्यापक ऑडिट भूमिका की कमी पर चिंता व्यक्त की। हालांकि, फर्म ने ऑडिटर को बताया कि ऐसी नियुक्तियों की सिफारिश करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है क्योंकि अन्य संस्थाएं पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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