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'बंजर' जमीन पर 1.5 लाख करोड़ खर्च करें अडानी, बताया मेगा प्लान!

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  • Updated Jan 12, 2026, 10:08 AM IST

Adani Group: अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा कि अडानी ग्रुप अगले पांच वर्षों में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह घोषणा उन्होंने राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र के लिए आयोजित 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' में की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और कई उद्योगपति मौजूद थे।

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अडानी ग्रुप कच्छ में करेगा 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश

Adani Group : अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा है कि अडानी समूह अगले 5 वर्षों में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह निवेश ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाएगा। करण अडानी ने यह घोषणा रविवार को राजकोट में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ (वीजीआरसी) के दौरान की।

वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में बड़ा ऐलान

यह सम्मेलन कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और देश के कई बड़े उद्योगपति मौजूद थे। इस मंच से करण अदाणी ने कहा कि अडानी समूह गुजरात और खासतौर पर कच्छ के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

खावड़ा परियोजना और हरित ऊर्जा पर फोकस

करण अडानी ने बताया कि अडानी ग्रुप कच्छ में अपनी खावड़ा परियोजना को समय पर पूरा करेगा। इस परियोजना के तहत 2030 तक 37 गीगावाट की पूरी क्षमता को चालू करने का लक्ष्य है। यह परियोजना देश की सबसे बड़ी रिन्युएबल एनर्जी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

मुंद्रा बंदरगाह की क्षमता होगी दोगुनी

उन्होंने यह भी कहा कि अडानी ग्रुप अगले 10 वर्षों में गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा बंदरगाह की क्षमता को दोगुना करेगा। मुंद्रा बंदरगाह पहले से ही देश का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इसकी अहम भूमिका है। क्षमता बढ़ने से भारत की लॉजिस्टिक्स और निर्यात क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप निवेश

न्यूज एजेंंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक करण अडानी ने कहा कि अडानी समूह के ये सभी निवेश भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। इनमें रोजगार सृजन, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, पर्यावरण के अनुकूल विकास और देश की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे निवेश भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम योगदान देंगे।

वैश्विक अनिश्चितता में भारत बना उम्मीद की किरण

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। इसके बावजूद भारत दुनिया के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है। भारत करीब आठ प्रतिशत की दर से आर्थिक विकास कर रहा है और अपने विनिर्माण क्षेत्र का तेजी से विस्तार कर रहा है।

गुजरात की मजबूत औद्योगिक भूमिका

करण अडानी ने गुजरात की तारीफ करते हुए कहा कि यह राज्य भारत के सबसे औद्योगिक रूप से उन्नत और वैश्विक स्तर पर जुड़े राज्यों में शामिल है। देश की कुल जीडीपी में गुजरात का योगदान आठ प्रतिशत से अधिक है, जबकि औद्योगिक उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत है। इससे साफ है कि गुजरात देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है।

कच्छ: बदलाव और विकास का प्रतीक

उन्होंने कच्छ को बदलाव का एक मजबूत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कच्छ को कभी दूर-दराज और कठिन इलाका माना जाता था, लेकिन आज यह भारत के प्रमुख औद्योगिक, लॉजिस्टिक और ऊर्जा केंद्रों में शामिल हो चुका है। अडानी समूह का मुंद्रा बंदरगाह भी इसी क्षेत्र में स्थित है, जिसने कच्छ को वैश्विक मानचित्र पर पहचान दिलाई है।

वेलस्पन वर्ल्ड का योगदान

कार्यक्रम में वेलस्पन वर्ल्ड के चेयरमैन बालकृष्ण गोयनका ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी गुजरात में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख लोगों को रोजगार दे रही है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में वेलस्पन होम टेक्सटाइल की बाजार हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक है, जो गुजरात की औद्योगिक ताकत को दर्शाता है।

गुजरात के विकास की नई तस्वीर

वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में हुए इन ऐलानों से साफ है कि आने वाले वर्षों में कच्छ और गुजरात का औद्योगिक और आर्थिक विकास और तेज होगा। बड़े निवेश, रोजगार के नए अवसर और आधुनिक बुनियादी ढांचा गुजरात को देश के विकास इंजन के रूप में और मजबूत बनाएंगे।

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