SIP आम निवेशकों के बीच काफी पॉपुलर है। इसकी वजह निवेश पर बेहतर रिटर्न और लचीलापन है। रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे लक्ष्यों के लिए SIP खास तौर पर फायदेमंद है, क्योंकि लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। हालांकि, SIP से बेहतर स्टेप-अप SIP है। इस तरीके से कमाई बढ़ने के साथ निवेश की रकम बढ़ाकर और बड़ा फंड जमा किया जा सकता है। स्टेप-अप SIP निवेशकों को समय के साथ अपना योगदान धीरे-धीरे बढ़ाने की सुविधा देकर, बढ़ती आय के साथ निवेश को बेहतर ढंग से तालमेल बिठाने में मदद करती है। इससे कंपाउंडिंग की ताकत को बढ़ाने में मदद मिलती है। आइए समझते हैं कि कैसे सिप के मुकाबले आप स्टेप-अप SIP चुनकर समान अवधि में बड़ा फंड जमा कर सकते हैं।
इसे ऐसे समझें:
मान लीजिए किसी ने ₹25,000 की SIP शुरू की और कम से कम 20 साल तक निवेश किया। 12% सालाना रिटर्न के साथ, उन्हें आखिर में ₹2,29,96,434 का फंड मिल सकता है। लेकिन, अगर वे "स्टेप-अप" तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, तो यह फाइनल काफी ज्यादा हो सकता है।
- महीने का निवेश: ₹25,000
- स्टेप-अप SIP (सालाना): 10%
- निवेश की अवधि: 20 साल
- उम्मीद किया गया रिटर्न रेट: 12%
- निवेश की गई रकम: ₹1,71,82,500
- अनुमानित रिटर्न: ₹2,93,95,958
- कुल वैल्यू: ₹4,65,78,458
जैसा कि देखा जा सकता है, हर साल 10% का स्टेप-अप - जिसका मतलब है कि निवेशकों को अपनी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ अपना निवेश भी बढ़ाना चाहिए, फाइनल फंड को काफी बढ़ा सकता है।
इन बातों को ख्याल रखें
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि म्यूचुअल फंड निवेश में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है। कई सालों तक निवेश करने के बाद भी, निवेश की अंतिम वैल्यू पर मार्केट की स्थितियों और आर्थिक संकट जैसी बातों का असर पड़ सकता है। इसलिए, यह पक्का करने के लिए कि निवेश उनके लक्ष्यों के अनुसार हो और वे किसी भी संभावित आर्थिक तनाव से सुरक्षित रहें, किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।
