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8th Pay Commission: सैलरी, पेंशन, DA और इंक्रीमेंट में क्या होगा बदलाव? जानें पूरी डिटेल

केंद्र सरकार हर 10 साल में अपने कर्मचारियों के भत्ते, वेतन और पेंशन में बदलाव के लिए वेतन आयोग (CPC) का गठन करती है।

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8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission लागू करने के लिए कर्मचारी संगठनों और आयोग के सदस्यों के बीच सलाह-मशविरे के दौर जारी है। आयोग अपनी आधिकारिक सिफारिशें जारी करने से पहले कर्मचारी यूनियनों, प्रतिनिधियों, समूहों, पेंशनभोगी संघों, फेडरेशनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करने के लिए इस महीने के आखिर में मुंबई में बैठकें करेगा। इसके बाद उम्मीद है कि आयोग अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेजेगा। नए वेतन आयोग लागू होने से 1 करोड़ से ज़्यादा लोगों को फायदा होगा। इनमें लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं।

फिटमेंट फैक्टर 1.83, 2, 2.57, 3.83 से सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

पे मैट्रिक्स लेवल7वें वेतन आयोग का मूल वेतन8वां वेतन आयोग: 1.83 फिटमेंट फैक्टर2 फिटमेंट फैक्टर2.57 फिटमेंट फैक्टर3.83 फिटमेंट फैक्टर
लेवल 1₹18,000₹32,940₹36,000₹46,260₹68,940
लेवल 2₹19,900₹36,417₹39,800₹51,143₹76,217
लेवल 3₹21,700₹39,711₹43,400₹55,769₹83,111
लेवल 4₹25,500₹46,665₹51,000₹65,535₹97,665
लेवल 5₹29,200₹53,436₹58,400₹75,044₹1,11,836
लेवल 6₹35,400₹64,782₹70,800₹90,978₹1,35,582
लेवल 7₹44,900₹82,167₹89,800₹1,15,393₹1,71,967
लेवल 10₹56,100₹1,02,663₹1,12,200₹1,44,177₹2,14,863
लेवल 13₹1,23,100₹2,25,273₹2,46,200₹3,16,367₹4,71,473
लेवल 18₹2,50,000₹4,57,500₹5,00,000₹6,42,500₹9,57,500

8वें CPC: काम की शर्तें

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की 'काम की शर्तें' (Terms of Reference या ToR) यह बताती हैं कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसकी अंतिम सिफारिशों से क्या उम्मीद करनी चाहिए। पिछले साल केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंज़ूर की गई ये शर्तें आयोग के काम का दायरा तय करती हैं और उन क्षेत्रों को बताती हैं जिन पर उसे सिफारिशें देनी हैं।

तय की गई शर्तें इस प्रकार हैं:

8वां CPC एक अस्थायी निकाय होगा जिसमें एक चेयरपर्सन, एक पार्ट-टाइम सदस्य और एक मेंबर-सेक्रेटरी होंगे। इसे अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए कहा गया है, हालांकि ज़रूरत पड़ने पर यह अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है।

अपनी सिफारिशें तैयार करते समय, आयोग से कहा गया है कि वह देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय समझदारी की जरूरत पर ध्यान दे, यह सुनिश्चित करे कि विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों, बिना योगदान वाली पेंशन योजनाओं की बिना फंड वाली लागत पर विचार करे। राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर सिफारिशों के संभावित असर को देखे और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन-भत्ते के ढांचे, फायदों और काम की स्थितियों पर भी गौर करे।

DA, वेतनमान, पेंशन: हम क्या उम्मीद कर सकते हैं?

पैनल से उम्मीद है कि वह वेतन-भत्तों (जिसमें वेतन - आम तौर पर वेतन संरचना, वेतन मैट्रिक्स - और भत्ते - आम तौर पर महंगाई भत्ता, महंगाई राहत, HRA - शामिल हैं) और अन्य सुविधाओं/फायदों (नकद या अन्य रूप में, जैसे इंक्रीमेंट, प्रमोशन आदि) में जरूरी और व्यावहारिक बदलावों की जांच करेगा और सिफारिशें देगा। इसके लिए तार्किकता, मौजूदा कामकाज की जरूरतों और खास जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।

पेंशनभोगियों के लिए, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) (जिसमें यूनिफाइड पेंशन स्कीम भी शामिल है) के तहत आने वाले कर्मचारियों की 'डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी' की समीक्षा करना और सिफारिशें देना, साथ ही, NPS (जिसमें UPS भी शामिल है) के दायरे में न आने वाले कर्मचारियों की 'डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी' और पेंशन की समीक्षा करना और सिफारिशें देना।

हम घोषणा की उम्मीद कब कर सकते हैं?

समय-सीमा के अनुसार, आयोग के गठन (3 नवंबर 2025) के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशों की घोषणा करने की संभावना है। इसका मतलब है कि फरवरी या अप्रैल 2027 सबसे जल्दी का समय है जब हमें इसके फैसलों पर कोई आधिकारिक घोषणा मिल सकती है। लेकिन रिपोर्ट सौंपने की आखिरी समय-सीमा मई 2027 है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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