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8th Pay Commission: दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू, क्या ₹72,000 तक हो सकती है मिनिमम सैलरी?

8th Pay Commission की रूपरेखा तय करने को लेकर दिल्ली में कर्मचारी संगठनों और वेतन आयोग के सदस्यों के बीच बैठक हो रही है। इसके बाद देश के दूसरे शहरों में यह बैठक आयोजित की जाएगी।

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8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission: कर्मचारियों संगठनों की दिल्ली में 28 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक मीटिंग चल रही है। इस बैठक से जो जानकारी बाहर आ रही है, उसमें 8वें वेतन आयोग की पहली बैठक में कर्मचारी संघों ने वेतन निर्धारण के पुराने तरीकों को बदलने की पुरजोर मांग की है। इसके लिए परिवार की इकाई में बच्चों के साथ-साथ माता-पिता को भी शामिल करने की मांग रखी गई है। यूनियन ने तर्क दिया कि ICMR के नए मानकों के अनुसार आहार कैलोरी और आधुनिक जरूरतों (मोबाइल, डेटा, बेहतर कपड़े) को वेतन गणना का आधार बनाना चाहिए। इस बीच एक चर्चा यह भी है कि 8वें वेतन आयोग में मिनिमम सैलरी 72000 रुपये होगी। हालांकि, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। 8वें पे कमीशन से जुड़े 72,000 रुपये के बड़े पैमाने पर सर्कुलेट हुए आंकड़े ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच नई चर्चा पैदा कर दी है, लेकिन ऑफिशियल रिकॉर्ड बताते हैं कि यह किसी मान्यता प्राप्त स्टाफ बॉडी द्वारा पेश की गई किसी फॉर्मल मांग का हिस्सा नहीं है। सैलरी रिवीजन के अगले राउंड को लेकर उम्मीदें बढ़ने के साथ ही यह आंकड़ा रिपोर्ट्स और ऑनलाइन चर्चाओं में चर्चा में आ गया है।

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें:

  • इन्क्रीमेंट: वार्षिक वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
  • भत्ते: HRA और ट्रांसपोर्ट जैसे भत्तों में तीन गुना वृद्धि हो।
  • वेतन चक्र: वेतन संशोधन हर 10 साल के बजाय बैंकिंग क्षेत्र की तरह हर 5 साल में हो।
  • जोखिम भत्ता: रेलवे जैसे कठिन विभागों में काम करने वालों के लिए बेहतर रिस्क अलाउंस मिले।

मिली जानकारी के अनुसार, आयोग ने सकारात्मक रुख दिखाया है और रिपोर्ट के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की गई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि नया वेतनमान जनवरी 2026 से लागू होगा। बैठक का सार यह रहा कि अब फोकस केवल गुजारे पर नहीं, बल्कि जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर है।

पूरे भारत में और मीटिंग होंगी

कमीशन ने साफ किया है कि कम शेड्यूल की वजह से, वह तीन दिन की दिल्ली मीटिंग के दौरान बातचीत के सभी रिक्वेस्ट को पूरा नहीं कर पाएगा। कमीशन ने कहा है कि वह आने वाले महीनों में नई दिल्ली और अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में और मीटिंग करेगा, जिसके अपडेट उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर किए जाएंगे। दिल्ली NCR के बाहर के स्टेकहोल्डर्स अपने राज्य, केंद्र शासित प्रदेश या आस-पास के इलाकों में कमीशन से बातचीत करने के लिए अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, जब भविष्य में मीटिंग तय हों।

8th Pay Commission की सैलरी बढ़ोतरी कब लागू होगी?

सरकार ने अभी तक रोलआउट टाइमलाइन कन्फर्म नहीं की है। हालांकि, पिछले ट्रेंड्स के आधार पर, इसे 7th Pay Commission से ट्रांजिशन के साथ लागू किया जा सकता है और मंजूरी मिलने पर यह 1 जनवरी, 2026 से लागू हो सकता है।

सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद

3.833 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर मिनिमम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की गई है। इस मांग में सैलरी कैलकुलेशन के लिए परिवार के बड़े साइज को भी ध्यान में रखा गया है। अगर इसे मंज़ूरी मिल जाती है, तो इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी, पेंशन और उससे जुड़े फ़ायदों में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को फिर से शुरू करना एक मुख्य मांग बनी हुई है। कर्मचारियों ने पिछली सैलरी के 67% के बराबर पेंशन और 50% फ़ैमिली पेंशन का भी प्रस्ताव दिया है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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