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8th Pay Commission: पे मैट्रिक्स ने ले ली ग्रेड पे की जगह, जानिए कब और कैसे बदल गई वेतन संरचना

8th Pay Commission Pay Matrix: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। आइए जानते हैं कि नया वेतन मैट्रिक्स कैसा हो सकता है और कब ग्रेड पे की जगह नए वेतन मैट्रिक्स ने ले ली।

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पे मैट्रक्स को समझें

Photo : iStock

8th Pay Commission Pay Matrix: मोदी सरकार ने हाल में 8वें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी। अब करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसके तहत मिलने वाली सैलरी के बारे में जानने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले दो वेतन आयोगों की तरह यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नया वेतन आयोग (8th pay commission) भी संशोधित वेतन ढांचे का सुझाव दे सकता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे में पहले भी कई बदलाव हुए हैं। 8वें वेतन आयोग के ऐलान से पहले 7वें वेतन आयोग ने एक सुविचारित वेतन ढांचे की सिफारिश की थी, जिसमें ग्रेड पे की जगह नए वेतन मैट्रिक्स में स्तरों को शामिल किया गया था। इससे पहले 6वें वेतन आयोग ने ग्रेड पे के साथ वेतन बैंड को स्टेटस निर्धारक के तौर पर चलाने की सिफारिश की थी, जबकि वेतनमान पहले से ही मौजूद थे। जबकि 8वें वेतन आयोग का गठन अभी भी चल रहा है। इससे पहले 7वें वेतन आयोग में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे में हुए बदलावों पर नजर डालते हैं।

8th Pay Commission: पे मैट्रिक्स ने ले ली ग्रेड पे की जगह

7वें वेतन आयोग ने 6वें वेतन आयोग के ग्रेड पे की जगह एक तर्कसंगत वेतन मैट्रिक्स ले लिया है। जो आपको एक चार्ट में सभी वेतन स्तरों को समझने में मदद कर सकता है। अपनी रिपोर्ट में 7वें CPC ने उल्लेख किया कि वेतन मैट्रिक्स में स्तर एक तार्किक वेतन प्रगति प्रदर्शित करते हैं। वेतन मैट्रिक्स की मदद से कर्मचारी अपने वेतन स्तर को देख सकते हैं, वे कहां फिट होते हैं और अपने करियर में उनकी प्रगति की संभावना कितनी है।

7th Pay Commission Grade Pay, 7th Pay Commission Pay Matrix

7वां वेतन आयोग का पे मैट्रिक्स

8th Pay Commission: वेतन मैट्रिक्स को समझें

नए वेतन मैट्रिक्स में 6वें वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित विभिन्न ग्रेड पे को स्तर दिए गए थे। वेतन मैट्रिक्स के दो आयाम हैं। सबसे पहले इसमें एक होरिजेंटल रेंज है जिसमें प्रत्येक स्तर हेरारकी से मेल खाता है। प्रत्येक स्तर को एक संख्या दी गई है, 1, 2, और 3 से और इसी तरह 18 तक। दूसरा इसमें प्रत्येक स्तर के लिए वर्टिकल रेंज है जो उस स्तर के भीतर 'वेतन प्रगति' को दर्शाता है। ये प्रत्येक स्तर के भीतर 3 प्रतिशत की वार्षिक वित्तीय प्रगति के स्टेप्स को इंगित करते हैं। वेतन मैट्रिक्स का प्रारंभिक प्वाइंट एक्रोयड फार्मूले पर आधारित न्यूनतम वेतन है।

8th Pay Commission: 7वें CPC वेतन मैट्रिक्स

7वें CPC ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि वेतन मैट्रिक्स ने मुआवजा स्ट्रक्चर की पर्याप्तता के महत्वपूर्ण मुद्दे को संबोधित किया। आयोग का मानना है कि वेतन का उद्देश्य कर्मचारियों को उनके द्वारा किए गए काम के लिए मुआवजा देना, उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना है। उद्देश्यों में सरकारी सेवा में टैलेंट को आकर्षित करना और उन्हें बनाए रखना भी शामिल है, इस प्रकार प्रतिस्थापन के लिए महंगी भर्ती और प्रशिक्षण की जरुरत से बचना है। वेतन वृद्धि के संबंध में पूर्ण पारदर्शिता प्रदान करने के लिए वेतन मैट्रिक्स के रूप में नई वेतन संरचना तैयार की गई है।

इसके अलावा 7वें CPC ने कहा कि नया वेतन मैट्रिक्स पिछले तीन दशकों में सरकार के बाहर खुले विशाल अवसरों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया था। जो मानव संसाधनों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धा पैदा करता है और सरकारी सेवाओं में सर्वोत्तम उपलब्ध प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने की जरुरत है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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