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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की चांदी! बेसिक सैलरी में 50% DA मर्ज करने की मांग, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission News: एफएनपीओ का कहना है कि महंगाई भत्ता (DA) सीधे जीवन-यापन की लागत से जुड़ा है और इसकी लगातार बढ़ोतरी कर्मचारियों की वास्तविक मजदूरी में गिरावट का संकेत देती है। बढ़ती मुद्रास्फीति से आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के दाम लगातार बढ़े हैं, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति कमजोर हुई है।

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8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission News: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी 8वें वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नए वेतन आयोग लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस बीच 8वें पे कमीशन की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को लिखे एक लेटर में, फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने 1 जनवरी, 2026 से 50% महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने और केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतरिम राहत देने की मांग की है। कर्मचारियों के संगठन का कहना है कि इस कदम से तुरंत फाइनेंशियल राहत मिलेगी, कुछ हद तक खरीदने की ताकत वापस आएगी, और देश भर के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक लाभ मिलेगा।

DA मर्जर के पिछले उदाहरण (FNPO के अनुसार)

वेतन आयोगवर्षDA की स्थितिक्या बदलाव हुआ?रिटायरमेंट/पेंशन पर असर
4th CPC1986महंगाई भत्ता (DA) काफी बढ़ गया थाDearness Pay (DP) की अवधारणा शुरू हुई, DA का एक हिस्सा बेसिक पे में मर्ज किया गयामर्ज किया गया DA रिटायरमेंट बेनिफिट्स की गणना में शामिल किया गया
5th CPC1996DA का स्तर काफी ऊंचा हो गया2004 में जब DA 50% पार कर गया तो 50% DA को Dearness Pay (DP) के रूप में बेसिक पे में मर्ज किया गयाDP को पेंशन और अन्य भत्तों की गणना में बेसिक पे का हिस्सा माना गया
6th CPC2006अलग से Dearness Pay सिस्टम खत्म किया गयापहले से मर्ज किया गया DA संशोधित Pay Band + Grade Pay संरचना में शामिल कर दिया गयानई सैलरी संरचना में ही पेंशन और भत्तों की गणना होने लगी

महंगाई भत्ते में जल्द बढ़ोतरी की उम्मीद

पेंशनर्स को दिया जाने वाला अभी का DA और महंगाई राहत (DR) 58% है, जिसमें जल्द ही 2% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई के असर को कम करने के लिए DA/DR दिया जाता है, जो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) पर आधारित है। सरकार साल में दो बार जुलाई और जनवरी में DA में बदलाव करती है। हालांकि सरकार ने कहा है कि DA को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन कई कर्मचारी संगठन लंबे समय से 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतरिम राहत देने के लिए DA को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने नवंबर में 8वें वेतन आयोग से अगले 18 महीनों में अपनी सिफारिश रिपोर्ट देने को कहा था। इस देरी की वजह से, कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सरकार DA को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज कर दे।

डीए का विलय क्यों करने की मांग?

एफएनपीओ का कहना है कि महंगाई भत्ता (डीए) सीधे जीवन-यापन की लागत से जुड़ा है और इसकी लगातार बढ़ोतरी कर्मचारियों की वास्तविक मजदूरी में गिरावट का संकेत देती है। बढ़ती मुद्रास्फीति से आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के दाम लगातार बढ़े हैं, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति कमजोर हुई है। संगठन का तर्क है कि पहले भी जब डीए 50% से ऊपर गया, तो उसके एक हिस्से को मूल वेतन में मिलाकर वेतन संरचना को संतुलित किया गया था। डीए के विलय से भत्तों, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में बढ़ोतरी होगी तथा कर्मचारियों को लंबी अवधि की वित्तीय स्थिरता मिल सकेगी।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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