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इन 7 कंपनियों को IPO लाने की सेबी से मंजूरी मिली, लिस्ट में यशोदा, ओरिएंट समेत ये कंपनियां शामिल

यशोदा हेल्थकेयर सर्विसेज ने अपने निर्गम के लिए गोपनीय मार्ग से मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे। इस आईपीओ का आकार 3,000 करोड़ रुपये से 4,000 करोड़ रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।

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आईपीओ

IPO निवेशकों के लिए नए साल में भी मौके कम नहीं होने वाले हैं। एक के बाद एक कंपनियों के आईपीओ आते रहेंगे। अब यशोदा हेल्थकेयर सर्विसेज, फ्यूजन सीएक्स और ओरिएंट केबल्स समेत सात कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की सेबी से मंजूरी मिल गई है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नियामकीय मंजूरी पाने वाली अन्य कंपनियों में टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस, आरएसबी रिटेल इंडिया, एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज और लोहिया कॉर्प शामिल हैं।

6,000 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनियां

बाजार सूत्रों के अनुसार इन सभी कंपनियों के आईपीओ से कुल मिलाकर 6,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जाने की उम्मीद है।

सेबी की सूचना के मुताबिक इन सातों कंपनियों ने मई से सितंबर के बीच सेबी से संपर्क किया था और 8 से 12 दिसंबर के दौरान उन्हें सेबी की टिप्पणियां मिलीं। सेबी की भाषा में टिप्पणी मिलने का मतलब सार्वजनिक निर्गम लाने के लिए हरी झंडी है।

यशोदा का IPO साइज बड़ा रहने की उम्मीद

यशोदा हेल्थकेयर सर्विसेज ने अपने निर्गम के लिए गोपनीय मार्ग से मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे। इस आईपीओ का आकार 3,000 करोड़ रुपये से 4,000 करोड़ रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। इंश्योरटेक कंपनी टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस ने सितंबर में गोपनीय प्री-फाइलिंग मार्ग का उपयोग करते हुए अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए आवेदन किया था। ग्राहक अनुभव सेवा प्रदाता फ्यूजन सीएक्स अपने आईपीओ के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। ओरिएंट केबल्स (इंडिया) लिमिटेड के निर्गम का आकार 700 करोड़ रुपये है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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