Low Cibil Score: लोन या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए अच्छा CIBIL Score होना बेहद मायने रखता है। भारत में क्रेडिट जानकारी को मेंटेन करने का काम क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां (CICs) या क्रेडिट ब्यूरो करते हैं। सामान्यतः 750 या उससे अधिक का स्कोर अच्छा माना जाता है। वहीं, अगर आपका CIBIL Score कम है तो बैंक लोन देने से मना कर सकते हैं या अधिक ब्याज दर लगा सकते हैं। इस आर्टिकल में आपको CIBIL Score खराब होने के 7 बड़े कारणों की ही जानकारी दे रहे हैं-
EMI या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर न भरना
अगर आप EMI या क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं भरते तो इसका सीधा असर आपके CIBIL Score पर पड़ता है। बार-बार लेट पेमेंट करने से बैंक के लिए आपकी विश्वसनीयता कम हो जाती है और स्कोर तेजी से गिर सकता है। यहां तक कि एक EMI मिस होने से भी नेगेटिव रिकॉर्ड बन सकता है।
क्रेडिट कार्ड लिमिट का ज्यादा इस्तेमाल
अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट का 70–80 प्रतिशत या उससे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो यह दर्शाता है कि आप क्रेडिट पर ज्यादा निर्भर हैं। इसे हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन कहा जाता है, जो CIBIL Score को कम कर सकता है।
बार-बार लोन या कार्ड के लिए आवेदन
हर बार जब आप नया लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं। इसे हार्ड इंक्वायरी कहा जाता है। अगर कम समय में बहुत ज्यादा आवेदन किए जाएं तो इससे स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
लोन डिफॉल्ट या सेटलमेंट
अगर आप किसी लोन का भुगतान नहीं करते या उसे सेटल कर देते हैं तो यह जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है। इससे यह संकेत मिलता है कि आपने पूरा कर्ज नहीं चुकाया, जो लंबे समय तक आपके स्कोर को प्रभावित कर सकता है।
केवल अनसिक्योर्ड लोन लेना
पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर्ड लोन बिना किसी गारंटी के दिए जाते हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा जोखिम वाला माना जाता है। अगर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल में सिर्फ ऐसे ही लोन हों, तो स्कोर पर असर पड़ सकता है। सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का संतुलन बेहतर माना जाता है।
पुराना क्रेडिट अकाउंट बंद कर देना
पुराने क्रेडिट अकाउंट आपकी लंबी क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाते हैं, जो स्कोर के लिए फायदेमंद होती है। अगर आप इन्हें बंद कर देते हैं, तो आपकी औसत क्रेडिट अवधि कम हो सकती है और इससे CIBIL Score पर असर पड़ सकता है।
गारंटर बनकर लापरवाही
अगर आप किसी के लोन के गारंटर बनते हैं तो उसकी जिम्मेदारी भी आंशिक रूप से आप पर होती है। अगर वह व्यक्ति समय पर EMI नहीं भरता या डिफॉल्ट करता है, तो इसका असर आपके CIBIL Score पर भी पड़ सकता है।
