बिजनेस

1 नवंबर से बदल जाएंगे ये 6 बड़े नियम! LPG सिलेंडर, बैंकिंग, ITR और पेंशन पर पड़ेगा असर, देखें पूरी लिस्ट

नवंबर की शुरुआत के साथ ही कई जरूरी नियम और वित्तीय अपडेट लागू होने जा रहे हैं। इनका असर पेंशनर्स, टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों और आम परिवारों पर पड़ सकता है। जानिए LPG, ITR, GST और बैंकिंग से जुड़े छह बड़े बदलाव।

Image

1 November Rules Change

अक्टूबर का महीना खत्म होने वाला है और 1 नवंबर 2026 से कई जरूरी नियमों और सेवाओं से जुड़े बदलाव सामने आएंगे। इनका असर आम लोगों, पेंशनर्स, टैक्सपेयर्स और कारोबारियों पर पड़ सकता है। कहीं LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होगी, तो कहीं पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा। इसके अलावा ITR फाइलिंग की तारीख, GST के नियम और बैंकिंग से जुड़े अपडेट भी महत्वपूर्ण हैं। आइए जानते हैं नवंबर की पहली तारीख से जुड़े छह बड़े बदलाव।

1. LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव

हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट जारी हो सकते हैं। अगर कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर आम परिवारों के रसोई बजट पर पड़ेगा। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है। हालांकि, कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी, इसकी पुष्टि तेल कंपनियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।

2. पेंशनर्स को जमा करना होगा लाइफ सर्टिफिकेट

सरकारी पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए नवंबर का महीना बेहद जरूरी है। 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक अपना जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। वहीं, 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। इस प्रमाण पत्र से यह पुष्टि होती है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है। इसे बैंक जाकर या Jeevan Pramaan जैसी डिजिटल सुविधा के जरिए भी जमा किया जा सकता है। समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन के भुगतान में रुकावट आ सकती है।

3. टैक्स ऑडिट वालों के लिए ITR की नई डेडलाइन

इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले कुछ टैक्सपेयर्स के लिए भी जरूरी अपडेट है। जिन कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए वित्त वर्ष 2025-26 यानी असेसमेंट ईयर 2026-27 का ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह राहत सभी टैक्सपेयर्स को नहीं मिली है। सामान्य वेतनभोगी कर्मचारियों पर यह नई डेडलाइन लागू नहीं होती।

4. GST के नियमों में होंगे बदलाव

1 नवंबर से GST से जुड़े कुछ नए प्रावधान लागू होंगे। इनका संबंध बिक्री के बाद मिलने वाले डिस्काउंट, क्रेडिट नोट और टैक्स रिफंड जैसी प्रक्रियाओं से है। नए नियमों से कारोबारियों को कुछ स्थितियों में टैक्स की गणना और रिफंड लेने में राहत मिल सकती है। खासतौर पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर और निर्यात से जुड़े कुछ मामलों में बदलाव किए गए हैं। इनका फायदा पात्र कारोबारियों और निर्यातकों को मिल सकता है।

5. बैंकिंग और FD की ब्याज दरों पर रखें नजर

नवंबर की शुरुआत में बैंक ग्राहक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD की ब्याज दरों पर नजर रखें। बैंक अपनी जरूरत और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग-अलग अवधि की FD पर ब्याज दरें बदल सकते हैं। कुछ बैंकों ने चुनिंदा अवधि की जमा योजनाओं में पहले ही बदलाव किए हैं। हालांकि, 1 नवंबर से सभी बैंकों की FD दरें बदलने का कोई एक समान नियम नहीं है। इसलिए नया निवेश करने से पहले अपने बैंक की वेबसाइट पर ब्याज दर और दूसरी शर्तें जरूर जांच लें।

6. मोबाइल पर कॉल करने वाले का नाम दिखने की व्यवस्था

अनजान कॉल और स्पैम से बचाने के लिए CNAP यानी Calling Name Presentation सेवा से जुड़ा अपडेट भी महत्वपूर्ण है। इस व्यवस्था के तहत 4G और 5G नेटवर्क पर अनजान घरेलू नंबर से कॉल आने पर टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाई दे सकता है। इससे कॉल करने वाले की पहचान करना आसान होगा। हालांकि, केवल नाम दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि कॉल पूरी तरह सुरक्षित है। किसी भी अनजान कॉल पर OTP, बैंकिंग जानकारी या UPI PIN साझा न करें।

इस तरह 1 नवंबर से जुड़े ये छह अपडेट पेंशन, टैक्स, गैस के दाम और बैंकिंग जैसे जरूरी कामों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार समय पर जानकारी रखें और किसी भी बदलाव की पुष्टि संबंधित विभाग, बैंक या आधिकारिक कंपनी की वेबसाइट से जरूर करें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article