म्यूचुअल फंड में निवेश के जरिए बड़ा फंड तैयार करने की सोच रहे निवेशकों के सामने अक्सर यह सवाल खड़ा होता है कि शुरुआत 5,000 रुपये की मंथली SIP से करें या सीधे 10,000 रुपये की मंथली SIP चुनें। 10 साल की समयावधि (Time Horizon) के लिए जब आप इन दोनों विकल्पों की तुलना करते हैं, तो निवेश की रकम का यह अंतर आपके अंतिम कॉर्पस (Total Corpus) पर बड़ा प्रभाव डालता है। ऐसे में आइए जानते हैं 5,000 या 10,000 रुपये कितने की SIP से आप 10 साल में बड़ा फंड बना सकते हैं?
5,000 की SIP से कितना रिटर्न मिलेगा
अगर आप हर महीने ₹5,000 की SIP करते हैं, तो 10 सालों में आपकी जेब से कुल ₹6,00,000 का निवेश होगा। यदि हम इक्विटी म्यूचुअल फंड से औसतन 12% से 15% का सालाना रिटर्न मानकर चलें, तो 12% की दर से आपका कुल फंड लगभग ₹11.6 लाख बनेगा, जबकि 15% के रिटर्न पर यह रकम लगभग ₹13.9 लाख तक पहुंच सकती है।
इस निवेश की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन और रुपी कॉस्ट एवरेजिंग (Rupee Cost Averaging) का लाभ है, जिससे बाजार की गिरावट के दौरान आपको अधिक यूनिट्स मिलती हैं और धीरे-धीरे आपका जोखिम संतुलित रहता है।
10 हजार की SIP में कितना प्रॉफिट बनेगा?
दूसरी तरफ, यदि आप अपनी क्षमता बढ़ाकर हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू करते हैं, तो 10 साल की अवधि में आपका कुल मूल निवेश ₹12,00,000 हो जाएगा। इसी 12% से 15% के अनुमानित सालाना रिटर्न के हिसाब से देखें, तो 12% की दर पर 10 साल बाद आपका कॉर्पस बढ़कर लगभग ₹23.2 लाख हो जाएगा, वहीं 15% के रिटर्न पर यह आंकड़ा लगभग ₹27.8 लाख तक पहुंच सकता है। यानी सिर्फ अपनी मंथली SIP की रकम को दोगुना करने से आपका अंतिम रिटर्न और बनने वाला फंड भी लगभग दोगुना हो जाता है। 10 साल के इस सफर में कंपाउंडिंग (Chakravridhi) का असर आखिरी सालों में सबसे तेजी से दिखता है, जहाँ आपकी जमा पूंजी के बजाय उस पर मिलने वाला ब्याज (Growth) ज्यादा तेजी से भागता है।
इसलिए 10 साल में एक बड़ा और मजबूत फंड तैयार करने के लिए ₹10,000 की SIP निसंदेह एक बेहतरीन और प्रभावी विकल्प साबित होती है। हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपनी वित्तीय स्थिति और हर महीने के बजट को ध्यान में रखकर ही निर्णय लें। यदि शुरुआत में आपका बजट ₹10,000 की इजाजत नहीं देता है, तो ₹5,000 की SIP से शुरुआत करना भी एक समझदारी भरा कदम है, जिसे आप आगे चलकर हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ 'स्टेप-अप SIP' (Step-Up SIP) के जरिए 10% से 15% तक बढ़ा सकते हैं। अंततः, बाजार में लंबे समय तक बने रहना और नियमित निवेश जारी रखना ही आपको वित्तीय स्वतंत्रता की ओर ले जाता है।
