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Moneyview IPO से पहले CEO को हुई मौज, ₹160 करोड़ मिले, क्या करती है कंपनी?

Moneyview IPO से ठीक पहले कंपनी के CEO पुनीत अग्रवाल को 160 करोड़ रुपये मिले हैं। कंपनी के रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस में इसकी जानकारी सामने आई है। CEO को इसेंटिव दिए जाने से कंपनी का नेट प्रॉफिट भी घटा है।

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आईपीओ के दस्तावेजों में सामने आई जानकारी

Moneyview IPO से पहले कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पुनीत अग्रवाल को ₹160 करोड़ का वन टाइम परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव दिया गया है। कंपनी के रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, इस इंसेंटिव का FY26 में कंपनी के प्रॉफिट पर ₹120 करोड़ का नेट ऑफ टेक्स असर पड़ा। Moneyview का IPO 24 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

RHP के अनुसार, बोर्ड और शेयरहोल्डर्स ने 3 मार्च, 2026 को पुनीत अग्रवाल को को यह वन टाइम इंसेंटिव देने की मंजूरी दी थी। कंपनी ने इसे परफॉर्मेंस बेस्ड और नॉन-रिकरिंग भुगतान बताया है। यानी कंपनी का कहना है कि इस तरह का भुगतान नियमित तौर पर दोहराया नहीं जाएगा।

FY26 में सिर्फ 1% बढ़ा प्रॉफिट

Moneyview का FY26 में प्रॉफिट ₹242.7 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹240.3 करोड़ से करीब 1% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 43.3% बढ़कर ₹3,351.2 करोड़ हो गया। यानी कंपनी के कारोबार में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली, लेकिन CEO को दिए गए बड़े इंसेंटिव का असर बॉटम लाइन पर पड़ा। इसे लेकर कंपनी के CFO सौरव गोयल ने कहा है कि यह बोनस बोर्ड के साथ चर्चा के बाद दिया गया था और इसका मकसद कंपनी के प्रदर्शन को आगे बढ़ाने में मैनेजमेंट का के योगदान को पहचान देना था। कंपनी ने RHP में भी इसे वन टाइम पेमेंट के तौर पर स्पष्ट किया है।

₹1,092 करोड़ का IPO

Moneyview ने अपने IPO का कुल आकार घटाकर करीब ₹1,091.7 करोड़ कर दिया है। इसमें ₹750 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹341.7 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। IPO का प्राइस बैंड ₹32 से ₹34 प्रति शेयर तय किया गया है। इस प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹6,000 करोड़ बैठती है। OFS में प्रमोटर्स पुनीत अग्रवाल और संजय अंग्रवाल के साथ Accel, Tiger Global Management और Ribbit Capital जैसे इन्वेस्टर भी अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। Accel करीब 21.89% हिस्सेदारी के साथ Moneyview का सबसे बड़ा shareholder है।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Moneyview फ्रेश शेयरों से मिलने वाली रकम में से ₹325 करोड़ का इस्तेमाल DLG अरेंजमेंट्स के तहत लोन बांटने में करेगी। वहीं ₹250 करोड़ Whizdm Finance के कैपिटल बेस को मजबूत करने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट पर्पज के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कंपनी का IPO 24 सितंबर को खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा। एंकर इन्वेस्टर के लिए बोली 23 सितंबर को खुलेगी, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 1 अक्टूबर को होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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