बिजनेस

25 लाख, 50 लाख या 75 लाख…रेपो रेट कम होने के बाद होम लोन पर कितनी सेविंग? यहां देखें कैलकुलेशन

जब रेपो रेट घटता है, तो बैंक भी ब्याज दरें कम करते हैं और इससे लोन की EMI पर तुरंत राहत मिलती है। हालांकि यह फायदा ग्राहकों को कितनी जल्दी मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बैंक नई कम दरें कब से लागू करता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि 25 लाख, 50 लाख या 75 लाख के होम लोन पर कितनी बचत होगी?

Image

Home Loan

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 दिसंबर को मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की कटौती कर दी। इसके साथ ही इस साल अब तक रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कमी हो चुकी है। फरवरी और अप्रैल में 25-25 bps तथा जून में 50 bps की कटौती के बाद अब रेपो रेट घटकर 5.25% पर आ गया है। इस कटौती का सीधा असर उन सभी लोगों पर पड़ेगा जिनके होम लोन फ्लोटिंग रेट पर हैं, खासकर वे लोन जो EBLR यानी एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट से जुड़े हुए हैं। जब रेपो रेट घटता है, तो बैंक भी ब्याज दरें कम करते हैं और इससे लोन की EMI पर तुरंत राहत मिलती है। हालांकि यह फायदा ग्राहकों को कितनी जल्दी मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बैंक नई कम दरें कब से लागू करता है।

25 लाख, 50 लाख या 75 लाख

रेपो रेट में कटौती से अलग-अलग लोन अमाउंट पर कितनी बचत होगी, इसका प्रभाव लोन की रकम, ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 25 लाख रुपये का लोन 15 साल के लिए 8.5% ब्याज पर लेता है, तो उसकी EMI अभी 24,618 रुपये होती है। रेपो रेट घटने के बाद अगर ब्याज 8.25% हो जाए, तो EMI 24,254 रुपये हो जाएगी और कुल ब्याज में लगभग 65,696 रुपये की बचत होगी। इसी तरह 50 लाख रुपये के लोन पर, जिसकी अवधि 20 साल हो, EMI 43,391 रुपये से घटकर 42,603 रुपये हो जाएगी और कुल ब्याज में लगभग 1.89 लाख रुपये की बचत होगी। बड़े लोन में फायदा और ज्यादा बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए 75 लाख रुपये के 25 साल वाले लोन में EMI 60,392 रुपये से घटकर 59,134 रुपये हो जाती है और कुल ब्याज में लगभग 3.77 लाख रुपये की बचत होती है। इससे साफ है कि छोटी-सी दर में कटौती भी लंबे समय में बड़ी राहत दे सकती है।

किसे होगा फायदा?

इस कटौती का सबसे ज्यादा फायदा उन लोन धारकों को मिलता है जिन्होंने 1 अक्टूबर 2019 के बाद EBLR आधारित फ्लोटिंग रेट होम लोन लिया है, क्योंकि ये लोन सीधा रेपो रेट से जुड़े होते हैं। जैसे ही RBI दरें घटाता है, बैंक भी लोन की ब्याज दर घटाने लगते हैं और इसका असर EMI में नजर आने लगता है। EMI कम होने से लोन की कुल लागत घटती है और लंबे समय में ब्याज पर काफी बचत हो जाती है। यह भी सही है कि हर बैंक दरों में बदलाव तुरंत लागू नहीं करता। कुछ बैंक कुछ दिनों या हफ्तों बाद नई दरें लागू करते हैं, लेकिन कुल मिलाकर ग्राहकों को राहत मिलना तय है।

लाखों की हो जाएगी बचत

होम लोन में ब्याज का हिस्सा काफी बड़ा होता है, इसलिए रेपो रेट में 0.25% की गिरावट भी लाखों रुपये की बचत करा देती है। यही कारण है कि घर खरीदने वालों के लिए रेपो रेट में कमी एक बड़ी अच्छी खबर मानी जाती है। अगर आपका होम लोन पुरानी ब्याज दरों पर चल रहा है, तो बैंक से बात करके नई दरों को लागू करवाना जरूरी है। EMI में थोड़ी-सी कमी भी आपके बजट को हल्का कर सकती है और लंबी अवधि में बड़ी फाइनेंशियल बचत दिला सकती है। कुल मिलाकर, रेपो रेट की यह कटौती उन सभी उधारकर्ताओं के लिए राहत लेकर आई है जो अपने होम लोन की EMI कम होने का इंतजार कर रहे थे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article