दिवाली हो या शादी भारत में फेस्टिव सीजन की शुरुआत होते ही सोने और चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है। लेकिन हर किसी के मन में यही सवाल आता है कि सोने का सिक्का ख़रीदे या सोने की ज्वेलरी? दोनों ही चीजें काम की और अच्छी हैं जो आगे जा कर अच्छा रिटर्न देंगी. लेकिन फायदा किसमें है और पैसा कहां बचेगा ये सबसे बड़ा सवाल है. ऐसे में आइए आपको बताते हैं 24K का सिक्का या ज्वेलरी आपके लिए क्या फायदे का सौदा रहेगा?
10 ग्राम की ज्वेलरी पर कितना हुआ खर्च?
मान लीजिए आप किसी शॉप पर 10 ग्राम की ज्वेलरी खरीदने जाते हैं तो आपको सिर्फ ज्वैलरी का पैसा नहीं देना होता उसका मेकिंग चार्ज और GST भी देना होता है। ऐसे में अगर सोने का भाव 11 हजार रुपए प्रति ग्राम है और आपने 10 ग्राम की चेन खरीदी है तो सोने की कीमत हुई 1,10,000 रुपए। अब इसपर आपको 15% मेकिंग चार्ज देना होगा जो 16,500 रुपए होगा। अब GST का कैलक्युलेशन करें तो 3% GST 3,795 रुपए. अब इसका टोटल करें तो 1,30,295 रुपए होगा। यानी आपको 10 ग्राम की ज्वेलरी के लिए 20,295 रुपए ज्यादा देने पड़े।
10 ग्राम का सिक्का
वहीं अगर आप सोने का सिक्का खरीदने जाते हैं तो इसमें इनमें मेकिंग चार्ज बहुत कम या न के बराबर होता है। 10 ग्राम एक सोने के सिक्के के लिए सोने की कीमत होगी 1,10,000 रुपए. अब इसपर जीएसटी (3%) यानि 3,795 रुपए, टोटल कॉइन की कीमत 1,13,795 रुपए। यानि आपको ज्वैलरी की तुलना में गोल्ड कॉइन में 16,500 रुपए कम खर्च करने होंगे।
निवेश के लिए क्या सही?
अगर आप ज्वेलरी खरीदते हैं तो इसे आप पहन सकते हैं, लेकिन लेकिन बेचने पर मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलेगा। वहीं, अगर आप सिक्का बेचते हैं तो मेकिंग चार्ज का झंझट ही नहीं रहेगा। लॉन्ग टर्म के लिए देखें तो निवेश के लिए सोने का सिक्का ज्यादा बेहतर ऑप्शन है लेकिन अगर आप गहने पहनने का शौक है तो आपके लिए ज्वेलरी अच्छा ऑप्शन है।
आज क्या है सोने का भाव?
इंडिया बुलियन ज्वैलरी एसोसिएशन (IBJA) पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक 24 कैरेट सोने का भाव 1,16833 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोने का रेट 107019 रुपए प्रति 10 ग्राम है।
