Drones For Women Self Help Groups: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक हुई, जिसके 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को ड्रोन उपलब्ध कराने की एक केंद्रीय योजना को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना पर सरकार का कुल खर्च 1,261 करोड़ रुपये आएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसला किया गया है।
क्या है इस योजना का मकसद
ठाकुर ने कहा है कि इस योजना का मकसद 2024-25 से 2025-2026 के दौरान किसानों को कृषि उद्देश्य के लिए किराए की सेवाएं (Rental Services) प्रदान करने के लिए 15,000 चुने गए महिला एसएचजी को ड्रोन प्रदान करना है।ऑफिशियल बयान के अनुसार, योजना के तहत स्वीकृत ये कदम 15,000 एसएचजी को स्थायी व्यवसाय और आजीविका सहायता प्रदान करेगा। इससे वे प्रति वर्ष कम से कम 1,00,000 रुपये की अतिरिक्त आय हासिल करने में सक्षम होंगे।
लाल किले से किया था ऐलान
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में लाल किले से एसएचजी को ड्रोन टेक्नोलॉजी से सशक्त बनाने की घोषणा की थी। ड्रोन की खरीद के लिए महिला एसएचजी को ड्रोन की कीमत और सहायक इक्विपमेंट की लागत का 80 फीसदी या अधिकतम 8 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।बाकी पैसा राष्ट्रीय कृषि इन्फ्रा वित्तपोषण सुविधा (एआईएफ) के तहत बतौर लोन मिल जाएगा। जिस पर 3 फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
एडवांस टेक्नोलॉजी का मिलेगा लाभ
यह योजना किसानों के लाभ के लिए बेहतर एफिशिएंसी, फसल की पैदावार बढ़ाने और ऑपरेशन की लागत को कम करने के लिए कृषि में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने में मदद करेगी। इससे उनकी सालाना इनकम में इजाफा होगा।
