एलपीजी से जुड़ी चिंताओं के बीच एक बार फिर सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने जरूरत के अनुसार ही एलपीजी, पेट्रोल और डीजल खरीदने की अपील की है।
14 लाख से ज्यादा 5 किलो के सिलेंडर की बिक्री
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों की बिक्री में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 3 अप्रैल से अब तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा करीब 5,000 जागरूकता कैंप आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 57,800 सिलेंडरों की बिक्री हुई। सिर्फ एक दिन में 583 कैंप के जरिए 8,575 सिलेंडर बेचे गए। 23 मार्च से अब तक कुल मिलाकर लगभग 14.6 लाख 5 किलो के सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
4.5 लाख से ज्यादा PNG कनेक्शनों को गैस सप्लाई
नेचुरल गैस सप्लाई की बात करें तो उर्वरक क्षेत्र को 95% तक गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर्स को CGD नेटवर्क के जरिए 80% तक सप्लाई दी जा रही है। सरकार ने CGD कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे क्रिटिकल इंडस्ट्रीज को 100% सप्लाई सुनिश्चित करें। देश के 21 राज्यों में PNG नेटवर्क को सपोर्ट देने के लिए अतिरिक्त कमर्शियल LPG भी दी जा रही है। मार्च से अब तक 4.5 लाख से ज्यादा PNG कनेक्शनों को गैस सप्लाई की गई है और करीब 5 लाख नए उपभोक्ता जुड़े हैं।
घरेलू रिफाइनरियों में बढ़ाया जा रहा LPG उत्पादन
शर्मा ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव भारत पर भी देखने को मिला। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए PNG और LPG की 100% सप्लाई सुनिश्चित की गई है, वहीं CNG ट्रांसपोर्ट को भी पूरी तरह सामान्य बनाए रखा गया है। घरेलू रिफाइनरियों में LPG उत्पादन बढ़ाया गया है और सिलेंडर बुकिंग का अंतराल शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन निर्धारित किया गया है। कमर्शियल LPG सप्लाई को भी धीरे-धीरे बहाल करते हुए इसे लगभग 70% तक पहुंचाया गया है, जिसमें अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि जैसे अहम उद्योगों को भी प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर किसी भी तरह की “ड्राई आउट” रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऑनलाइन बुकिंग का स्तर 98% तक पहुंच गया है, जबकि 93% डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से की जा रही है, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता और दक्षता बनी हुई है।
अब तक करीब 1.34 लाख टन कमर्शियल LPG की बिक्री
कमर्शियल LPG सप्लाई शुरुआती दौर में प्रभावित जरूर हुई थी, लेकिन सप्लाई चेन में व्यवधान और आवश्यक वस्तुओं की कमी को रोकने के लिए सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से लगभग 70% तक बहाल कर दिया है। 14 मार्च से अब तक करीब 1.34 लाख टन कमर्शियल LPG की बिक्री हुई है, जिसमें लगभग 8,000 टन ऑटो LPG शामिल है। अच्छी बात यह है कि जहां फरवरी में ऑटो LPG की दैनिक बिक्री करीब 177 टन थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 282 टन प्रतिदिन हो गई है।
9 अप्रैल से अब तक लगभग 1,800 टन प्रोपलीन की बिक्री
इसके अलावा, पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 24 मार्च को गठित जॉइंट वर्किंग ग्रुप के तहत C3 और C4 स्ट्रीम्स को प्राथमिकता दी गई है। फार्मा और केमिकल सेक्टर के लिए करीब 1,000 टन प्रतिदिन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि 9 अप्रैल से अब तक लगभग 1,800 टन प्रोपलीन की बिक्री हो चुकी है। कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग समितियां बनाई गई हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
सुजाता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिन 2100 रेड और सरप्राइज इंस्पेक्शंस की गई हैं। ओएमसीज ने भी सरप्राइज इंस्पेक्शन किया और अब तक लगभग 237 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर पैनल्टी इंपोज की गई है और लगभग 58 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड भी किया है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
