मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने अवार्ड वापस करने वालों पर कसा तंज, ये बुद्धिजीवी देशभक्त नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 7, 2020, 07:37 PM IST

किसानों के समर्थन में पुरस्कार लौटाने वालों को मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि ये तथाकथित बुद्धिजीवी देशभक्त नहीं हैं।

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने अवार्ड वापस करने वालों पर कसा तंज, ये बुद्धिजीवी देशभक्त नहीं

भोपाल। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का किसान संगंठन विरोध कर रहे हैं। पिछले 12 दिन से किसान दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं और मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया है। किसानों के समर्थन में अलग अलग हस्तियों मे अवार्ड वापस करने का ऐलान किया है इस सिलसिले में करीब 30 लोगों ने राष्ट्रपति भवन की तरफ कूच भी किया था। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री कमल पटेल ने आलोचना की है।

अवॉर्ड वापसी गैंग बताए कैसे मिले थे पुरस्कार
मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री और भाजपा नेता कमल पटेल ने कहा कि पुरस्कार पहले भी लौटाए गए थे। उन्हें पुरस्कार कैसे मिला है? 'भारत माता की गली करो', 'देश के टुकड़ो करो' को पुरस्कार मिले। ये तथाकथित पुरस्कृत और बुद्धिजीवी देशभक्त नहीं हैं। दरअसल इस तरह के लोगों को मौके की तलाश रहती है और मौका पाते ही वो इस तरह की बातें और काम करते हैं।



विवाद के केंद्र में एमएसपी और मंडी समिति
बता दें कि कृषि कानून के मुद्दे पर किसान संगठनों का कहना है कि एमएसपी पर सरकार का रुख साफ नहीं है। इस समय जो कानून बनाया गया है उससे एक समय के बाद बड़े बड़े औद्योगिक घरानों के हाथ में खेती चली जाएगी और आम किसान तबाह हो जाएगा। सरकार एक तरफ किसानों के हित का दावा और वादा करती है तो कृषि कानूनों को खत्म करने में परेशानी क्या है। इसमें किसी की जीत या हार का सवाल नहीं है। किसान भी चाहते हैं कि एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें सबका साझा हित हो। किसी के विरोध से किसी तरह का सार्थक नतीजा सामने आने वाला नहीं है।

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