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FAME 3 जैसी नीति लाए सरकार, इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी को लेकर बोला SIAM

SIAM Demands Subsidy On EVs: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले फेम 1 और 2 नीति के तहत सब्सिडी देती थी। कुछ समय पहले ही भारत सरकार ने इसे बंद कर दिया है। अब सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने ऐसी ही योजना लाने का सुझाव दिया है।

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सरकार को फेम 3 जैसी नीति लानी चाहिए। - SIAM

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिले
  • सियाम ने की सरकार से अपील
  • फिर लागू हो फेम 3 जैसी स्कीम

SIAM Demands Subsidy On EVs: वाहन उद्योग संगठन सियाम ने शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए रियायतें मांगी। उद्योग निकाय ने साथ ही कहा कि सरकार को आगामी आम बजट में वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहनों की घोषणा करनी चाहिए। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने पूंजीगत व्यय के लिए अधिक आवंटन के साथ वृद्धि को बढ़ावा देने वाले बजट पर जोर दिया।

फेम 3 जैसी नीति लानी चाहिए

सियाम के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''हमें उम्मीद है कि सरकार को फेम 3 जैसी नीति लानी चाहिए। पीएलआई जैसी अच्छी योजनाएं पहले से ही लागू हैं, जिनके जारी रहने का हमें भरोसा है।'' अगर फेम 3 (इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना और उनका विनिर्माण) योजना शुरू की जाती है, तो इससे इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के साथ ही सार्वजनिक बसों को वित्तीय प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

प्रोत्साहन पर कुछ और घोषणाएं

फेम 3 योजना, इलेक्ट्रिक गतिशीलता संवर्धन योजना (ईएमपीएस) की जगह लेगी, जिसे फेम 2 योजना के खत्म होने पर पेश किया गया था। अग्रवाल ने कहा, ''हम यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए प्रोत्साहन पर कुछ और घोषणाएं कर सकती है।'' उन्होंने कहा कि पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप करने को बढ़ावा देने के लिए अधिक प्रयासों की जरूरत है।

पहल जारी रखनी चाहिए

अग्रवाल ने कहा कि सरकार को ऐसी पहल जारी रखनी चाहिए जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी हों। उन्होंने कहा, ''हमें उम्मीद है कि एक बार फिर यह विकासोन्मुख बजट होगा... जिसका अर्थ है कि इसमें पूंजीगत व्यय पर अधिक ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि इसका अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।''

Anshuman. Sakalley
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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