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पुराने वाहन को कबाड़ बनाने पर होगा फायदा, नई कार खरीदने पर मिलेगी छूट

Old Vehicles Scrapping Benefits: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को भारत मंडपम में वाहन कंपनियों के शीर्ष निकाय सियाम (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

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स्वच्छ, सुरक्षित तथा अधिक कुशल वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • पुराने वाहन की स्क्रैपिंग पर छूट
  • नई कार की खरीद पर फायदा
  • त्योहारी सीजन की हो रही तैयारी

Old Vehicles Scrapping Benefits: प्रमुख वाणिज्यिक और यात्री वाहन कंपनियों ने त्योहारों से पहले पुरानी गाड़ियों को कबाड़ में बदलने के एवज में नये वाहन खरीदने पर छूट देने की सहमति जताई है। बयान में कहा गया है कि यह पहल देश में संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग (सर्कुलर) वाली अर्थव्यवस्था को गति देने और स्वच्छ, सुरक्षित तथा अधिक कुशल वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को भारत मंडपम में वाहन कंपनियों के शीर्ष निकाय सियाम (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

कंपनियां देंगी बड़ी छूट

बयान में कहा गया है, ‘‘बातचीत के दौरान, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री की सलाह पर सकारात्मक रूप से गौर करते हुए और वाहनों के आधुनिकीकरण तथा संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग वाली अर्थव्यवस्था के महत्व को पहचानते हुए कई वाणिज्यिक वाहन और यात्री वाहन विनिर्माताओं ने जमा प्रमाणपत्र (स्क्रैपेज सर्टिफिकेट) के बदले सीमित अवधि के लिए छूट देने पर सहमति जताई है।’’

वाहन स्क्रैपिंग पर छूट

इसमें कहा गया है कि वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता दो साल और यात्री वाहन विनिर्माता एक साल के लिए छूट देने को तैयार हैं। बयान में कहा गया है कि यह छूट पुराने वाहनों को कबाड़ में तब्दील करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे सड़कों पर सुरक्षित, स्वच्छ और अधिक दक्ष वाहनों का चलना सुनिश्चित होगा। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

Anshuman. Sakalley
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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