Maruti Suzuki Automatic Car Sales: मारुति सुजुकी ने 2014 में पहली बार एएमटी यानी ऑटोमैटिक मैनुअल ट्रांसमिशन वाली गाड़ी पेश की थी। कंपनी ने इसे एजीएस यानी ऑटोमैटिक गियर शिफ्ट सिस्टम के नाम से पेश किया था। इस गियरबॉक्स वाली कार को चलाना काफी आसान था और यही वजह थी कि भारत में एजीएस कारें हिट हो गईं। अब कंपनी ने एजीएस लॉन्च कि 9 साल में इस ट्रांसमिशन की 10 लाख कारें बेचने का आंकड़ा छू लिया है। मारुति सुजुकी सेलेरियो के साथ मिला 5-स्पीड एजीएस अब आधुनिक हो चुका है और ऑल्टो के10, वैगनआर, डिजायर, बलेनो और हालिया लॉन्च फ्रॉन्क्स एसयूवी के साथ ये सिस्टम दिया जा रहा है।
65 फीसदी कारें एजीएस वाली
मारुति सुजुकी ने जानकारी दी है कि इस समय भारत में बिक रहीं 65 प्रतिशत ऑटोमैटिक कारें एजीएस ट्रांसमिशन से लैस हैं। इसके अलावा कंपनी के ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन सिस्टम में विस्तार भी किया गया है जो बीते कई सालों में हुआ है। अब मारुति सुजुकी 5-स्पीड एजीएस, 4-स्पीड ऑटोमैटिक और 6-स्पीड ऑटोमैटिक के साथ पैडल शिफ्टर्स और ई-सीवीटी ट्रांसमिशन अपनी 16 कारों में उपलब्ध करा रही है। कंपनी की कुल ऑटोमैटिक बिक्री में 27 प्रतिशत हिस्सा 4-स्पीड और 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का है, वहीं 8 प्रतिशत ई-सीवीटी ग्राहकों ने चुना है।
बड़ा मील का पत्थर कायम
10 लाख ऑटोमैटिक कारें बिकने पर मारुति सुजुकी इंडिया की सेल्स और मार्केटिंग के सीनियर एग्जिक्यूटिव ऑफिसर शशांक श्रीवास्तव ने कहा, “कंपनी की ऑटोमैटिक कारें लगातार आगे बढ़ रही हैं। हमने अब तक मौजूदा वित्त वर्ष में लगभग 1 लाख ऑटोमैटिक कारें बेच ली हैं और अभी वित्त वर्ष 2023-24 आधा बचा हुआ है। ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। नैक्सा के ग्राहक भी अब महंगी ऑटोमैटिक कारों का चुनाव कर रहे हैं, वहीं अरेना के ग्राहकों को मिड-लेवल ऑॅटोमैटिक कारें पसंद आ रही हैं। इस समय कुल ऑटोमैटिक कारों का 58 प्रतिशत हिस्सा नैक्सा से आ रहा है, वहीं 42 फीसदी ग्राहक अरेना डीलरशिप वाले हैं।”
