भारतीय लग्जरी कार बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Jaguar Land Rover (JLR) इंडिया ने अपने कुछ हाई-एंड मॉडल्स की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की है। यह फैसला भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) के लागू होने से पहले लिया गया है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। कंपनी ने अपने फ्लैगशिप मॉडल Range Rover SV और Range Rover Sport SV की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है।
कीमतों में 75 लाख रुपये तक की कटौती

Range Rover Sport SV (Photo: Range Rover)
नई कीमतों के अनुसार, Range Rover SV की एक्स-शोरूम कीमत अब करीब 3.5 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो पहले लगभग 4.25 करोड़ रुपये थी। यानी इस SUV की कीमत में करीब 75 लाख रुपये तक की भारी कमी आई है। वहीं Range Rover Sport SV की कीमत भी घटाकर लगभग 2.35 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो पहले 2.75 करोड़ रुपये के आसपास थी। टाटा समूह के अधीन आने वाली इस कंपनी ने बताया कि नई कीमतें एफटीए के तहत घटे हुए टैक्स के अनुसार तय की गई हैं और ये बदलाव तुरंत लागू कर दिए गए हैं।
भारत और यूके के बीच हो रहा FTA बना वजह
इस कीमत में कटौती का सबसे बड़ा कारण भारत और यूके के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। इस समझौते के तहत UK से आने वाली पूरी तरह से आयातित (CBU) गाड़ियों पर लगने वाले आयात शुल्क (import duty) में कमी आने की उम्मीद है। पहले इन गाड़ियों पर 100% से ज्यादा टैक्स लगता था, लेकिन FTA के बाद यह काफी कम हो सकता है, जिससे कीमतें सीधे तौर पर घट रही हैं।
किन कारों की कीमत नहीं बदली
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फायदा केवल उन्हीं मॉडलों को मिल रहा है, जो सीधे UK से इम्पोर्ट होते हैं। जैसे SV वेरिएंट्स, जिन्हें JLR की स्पेशल व्हीकल ऑपरेशंस (SVO) यूनिट में तैयार किया जाता है। जबकि Range Rover, Velar या Discovery जैसे कई अन्य मॉडल भारत में लोकल असेंबली के जरिए बनाए जाते हैं, इसलिए उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
कस्टमर-फर्स्ट रणनीति की ओर JLR के कदम
JLR इंडिया का यह कदम साफ तौर पर कस्टमर-फर्स्ट रणनीति को दर्शाता है। कंपनी ने FTA लागू होने से पहले ही ग्राहकों को इसका लाभ देना शुरू कर दिया है, जिससे लग्जरी SUV खरीदने वालों के लिए यह एक अच्छा मौका बन गया है।ऑटो इंडस्ट्री में यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है। इससे न केवल लग्जरी कारें पहले से ज्यादा सुलभ होंगी, बल्कि BMW और Mercedes-Benz जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा भी तेज हो सकती है।
